--Advertisement--

ADR ने किया विश्लेषण : 3 से अधिक कैंडिडेट्स के खिलाफ फौजदारी वाली 21 सीटें

एडीआर के प्रो. जगदीप ने बताया कि पहले चरण के चुनाव में 977 उम्मीदवारों के हलफनामें में से 923 का विश्लेषण किया गया।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 04:15 AM IST
पहले चरण के चुनाव में 977 उम्मीदवारों के हलफनामें में से 923 का विश्लेषण किया गया। पहले चरण के चुनाव में 977 उम्मीदवारों के हलफनामें में से 923 का विश्लेषण किया गया।

अहमदाबाद. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफोर्मस (एडीआर) और इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार एक सीट पर तीन से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ फौजदारी दर्ज हो ऐसी कुल 21 सीटें हैं। एडीआर के प्रो. जगदीप ने बताया कि पहले चरण के चुनाव में 977 उम्मीदवारों के हलफनामें में से 923 का विश्लेषण किया गया। बीएसपी के 60 में से 11 उम्मीदवारों के खिलाफ फौजदारी केस है। इसमें से 8 के खिलाफ तो गंभीर अपराध दर्ज हैं।

वोटर्स कर सकते हैं नोटा का यूज

एनसीपी के 28 में से 4 के खिलाफ फौजदारी दर्ज है, जिसमें 3 के खिलाफ गंभीर आरोप है। आम आदमी पार्टी के 19 में से 2 उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर अपराध है। 416 निर्दलीय में से 34 के खिलाफ फौजदारी केस है। इसमें 15 के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। एडीआर के प्रो. जगदीप ने बताया कि क्रिमिनल केस वाले उम्मीदवार चुनाव न लड़ सकें इसलिए निर्वाचन आयोग से कानून बनाने की मांग की गई है। वोटर्स के सामने स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों की संख्या कम होने की वजह से वे नोटा का अधिक उपयोग भी कर सकते हैं।

सबसे अधिक आय वाले टॉप थ्री उम्मीदवार

उम्मीदवार का नाम सीट पार्टी संपत्ति
इंद्रनील राजगुरु राजकोट(प.) कांग्रेस 1,41,22,83,775
सौरभ पटेल (दलाल) बोटाद भाजपा 1,23,78,85,869
धनजीभाई पटेल वढवाण भाजपा 1,13,47,78,445
अधिक सम्पत्ति, इनकम टैक्स की जानकारी नहीं दी
भावेश भलारा राजकोट (पूर्व) निर्दलीय 8,52,50,876
देवाभाई मालम केशोद भाजपा 5,23,45,606
गीताबा जाडेजा गोंडल भाजपा 2,70,16,228

सबसे कम सम्पत्ति वाले उम्मीदवार

हसमुख उपाध्याय राजकोट (प.) निर्दलीय रु. 600
ऋषिकेश पंड्या गोंडल निर्दलीय रु. 2,000
अमितपुरी गोसाईं गारियाधार भारतीय राष्ट्रीय पार्टी रु. 2,000

तीन महिलाओं के खिलाफ क्रिमिनल केस

भुज की भाजपा उम्मीदवार डॉ. नीमाबेन, गोंडल की आप उम्मीदवार निमिषा खूंट, माणावदर की निर्दलीय उम्मीदवार हुसैनाबेन सोढ़ा के खिलाफ क्रिमिनल केस चल रहे हैं।

भामाशाहों को टिकट देने में कोताही

भामाशाह बन लाखों रुपए खर्च करने वाले कई उम्मीदवारों को भाजपा ने इस बार भी टिकट नहीं दिया है। भामाशाहों को टिकट न देने का सिलसिला दो दशक से चला आ रहा है। दो दशक पहले भाजपा के एक भामाशाह नेता ने पहली बार टिकट के लिए दावेदारी की थी। आणंद के इस भामाशाह का आखिरी क्षणों में टिकट कट गया था। ये भामाशाह भूतपूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के करीबी माने जाते थे। भाजपा ही नहीं कांग्रेस में भी भामाशाह को टिकट न देने की परंपरा पुरानी है।

127 प्रत्याशी ने पैन कार्ड नहीं दिए

एडीआर के डॉ. जगदीप ने बताया कि 2 उम्मीदवारों ने हलफनामे में जीरो सम्पत्ति बताई है। 127 उम्मीदवार पैन कार्ड नंबर नहीं दिए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार एक सीट पर तीन से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ फौजदारी दर्ज हो ऐसी कुल 21 सीटें हैं। रिपोर्ट के अनुसार एक सीट पर तीन से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ फौजदारी दर्ज हो ऐसी कुल 21 सीटें हैं।
X
पहले चरण के चुनाव में 977 उम्मीदवारों के हलफनामें में से 923 का विश्लेषण किया गया।पहले चरण के चुनाव में 977 उम्मीदवारों के हलफनामें में से 923 का विश्लेषण किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार एक सीट पर तीन से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ फौजदारी दर्ज हो ऐसी कुल 21 सीटें हैं।रिपोर्ट के अनुसार एक सीट पर तीन से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ फौजदारी दर्ज हो ऐसी कुल 21 सीटें हैं।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..