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100 करोड़ का बिजनेस छोड़ बनेंगे जैन भिक्षु, 24 साल का ये CA लेगा दीक्षा

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ऐल्युमिनियम बिजनेसमैन फैमिली के वारिस मोक्षेष शाह अब अध्यात्म की राह पकड़ जैन भिक्षु बनेंगे।

Danik Bhaskar | Mar 20, 2018, 12:13 AM IST

अहमदाबाद. महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ऐल्युमिनियम बिजनेसमैन फैमिली से तल्लुक रखने वाले मोक्षेष शाह अब अध्यात्म की राह पकड़ जैन भिक्षु बनेंगे। बता दें, मोक्षेष पेशे से सीए हैं और वो 24 साल के हैं। वह मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। मोक्षेष शाह 20 अप्रैल को अहमदाबाद के अमियापुर में दीक्षा लेंगे। करीब 100 करोड़ रुपये का फैमिली बिजनेस संभाल रहे हैं। मोक्षेष का मानना है कि पैसे सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता है और मोक्ष सबसे जरूरी है। इस साल दीक्षा लेने की अनुमति दी...

- रत्न मुनिराज जिनप्रेमविजय जी महाराज अहमदाबाद के पास अमियापुर के रहने वाले हैं। वह ही तपोवल संस्कारपीठ में मोक्षेष को दीक्षा देंगे। मोक्षेस अपनी फैमिली से पहले शख्स हैं जो भिक्षु की दीक्षा लेंगे।

- मोक्षेष का कहना है कि, 'यदि धन से सबकुछ खरीदा जा सकता है तो सभी धनी लोग खुश होते। कुछ हासिल करने से आत्मिक खुशी नहीं मिलती है बल्कि इससे कुछ छूट जाता है। सीए बनने के बाद मैंने दो साल बिजनेस किया लेकिन पाया कि मुझे अपने बैलेंस शीट में पुण्य के बैलंस को बढ़ाना होगा। इसी वजह से मैंने दीक्षा लेकर जैन भिक्षु बनने का फैसला किया।
- मोक्षेस के मुताबिक, वह पिछले साल ही दीक्षा लेना चाहता था लेकिन मां जिगनाबेन और पिता संदीपभाई इसके लिए तैयार नहीं थे। हालांकि उन्होंने इस साल दीक्षा लेने की अनुमति दी।'
- मोक्षेष ने कहा कि मोक्ष का रास्ता सत्य का रास्ता है लेकिन जीवन में आपको दूसरों के लिए मददगार बनना चाहिए। यहां तक की कि तीर्थंकर परमात्मा ने भी कहा है कि हमेशा दूसरों के लिए मददगार बने रहना चाहिए।

दो बार मोक्षेष मौत के मुंह से निकलकर आए हैं...
- मोक्षेष बताते हैं कि वह दो बार मौत के मुंह से निकल चुके हैं। एक बार तो जावेरी ब्लास्ट के वक्त और दूसरा कुछ समय पहले पुणे मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर हुए एक्सीडेंट से। मुझे यह सिखाया कि कर्म जैसी भी कोई शक्ति है। पिछले जन्म में मैंने अच्छे कर्म नहीं किये इसलिए मैं मोक्ष लेकर अच्छे कर्म करना चाहता हूं।