अहमदाबाद

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अहमदाबाद:रद्द की गई करंसी से युवती ने बनाई ईंटें, मिला सम्मान

इसकी खासियत यही है कि यह आम ईंटों से हल्की और सस्ती हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 04:59 PM IST
दो महीने की स्पर्धा के दौरान 45 कोशिशें की गईं, तब जाकर बन पाई ईंटें। दो महीने की स्पर्धा के दौरान 45 कोशिशें की गईं, तब जाकर बन पाई ईंटें।

अहमदाबाद। सेप्ट की स्टूडेंट जील शेठ ने नोटबंदी की करंसी से ईंट की डिजाइन बनाकर नेशनल स्तर की स्पर्धा में सम्मान पत्र प्राप्त किया। जील शेठ फेकल्टी ऑफ टेक्नालॉजी के 5 वें वर्ष की पढ़ाई कर रही है। इतना ही नहीं जूरी द्वारा उसे प्रोडक्ट के लिए स्पेशल मेंशन अवार्ड भी दिया गया है। रद्द की गई करंसी को डिस्पोजल कैसे किया जाए…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 500 और 1000 के नोट को बंद करने की घोषणा की, उसके दूसरे ही दिन से बैंकों में लोगों की लाइन लग गई। बैंकों में बेशुमार नोट जमा हो गए। अब चिंता यह थी कि इसे डिस्पोजल कैसे किया जाए? इसका आइडिया देने के लिए सरकार की तरफ से सुझाव मांगे गए। इसके लिए अहमदाबाद की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन और रॉयल डच कस्टर्स इंजीनियरिंग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘वेल्यू फार मनी’ नाम से स्पर्धा का आयोजन किया गया। इसमें 184 स्टूडेंट्स ने भाग लिया। यह स्पर्धा दो महीने तक चली, इसके दो राउंड हुए। इसमें स्टूडेंट्स से यह कहा गया था कि पुरानी नोटों का किस तरह से कोई टिकाऊ चीज बनाई जाए।

60% रि साइकिल नोट्स और 27% बेकार धातु से ईंटें बनाई

इस संबंध में जील शेठ ने बताया कि मैंने 60% रि साइकिल नोट्स और 27% बेकार धातु से ईंटें बनाई हैं। इस तरह से 87% सालिड वेस्ट से मैंने ईंटें बनाई हैं। दो महीने की मशक्कत के बाद दूसरे बेकार मटेरियल द्वारा कुल 45 प्रयोग के बाद ईंटें बनाई हैं।

आम ईंटों की अपेक्षा हल्की और सस्ती

जील बताती हैं कि इन ईंटों की खासियत यही है कि ये आम ईंटों से हल्की और सस्ती हैं। इसमें ऐसी बेकार चीजों का इस्तेमाल किया गया है, जो यदि जमीन पर होती, तो उसे नुकसान पहुंचाती।

टिकाऊ ईंट बनाने के लिए कोई साहित्य उपलब्ध नहीं

यह ईंट बनाने की सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि इस तरह की ईंट बनाने के लिए किसी प्रकार का साहित्य उपलब्ध नहीं है। इसकी मजबूती कितनी है, इसे मापने के लिए भी किसी तरह की सुविधा नहीं है।

आईआईटी रुड़की से कोलोब्रेट करने का प्रयास

इस समय जील अपने प्रोडक्ट के प्रमाेशन के लिए आईआईटी रुड़की के साथ कोलोब्रेट करने की कोशिश कर रही है। उल्लेखनीय है कि जीलू से सिटी के लिए लोगो डिजाइनिंग करने के लिए स्मार्ट सिटी स्पर्धा में भी 5 अवार्ड प्राप्त किए हैं। जिसमें डिजाइनिंग से लेकर पब्लिक पार्क समेत कई मामलों का समोवश किया गया था।

इस स्पर्धा में भाग लेने वालों को पुरानी और फटी हुई करंसी दी गई थी। इस स्पर्धा में भाग लेने वालों को पुरानी और फटी हुई करंसी दी गई थी।
अाम ईंट की अपेक्षा यह हल्की और सस्ती हैं। अाम ईंट की अपेक्षा यह हल्की और सस्ती हैं।
सिटी के लिए लोगो डिजाइनिंग करने के लिए स्मार्ट सिटी स्पर्धा में भी 5 अवार्ड मिले। सिटी के लिए लोगो डिजाइनिंग करने के लिए स्मार्ट सिटी स्पर्धा में भी 5 अवार्ड मिले।
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दो महीने की स्पर्धा के दौरान 45 कोशिशें की गईं, तब जाकर बन पाई ईंटें।दो महीने की स्पर्धा के दौरान 45 कोशिशें की गईं, तब जाकर बन पाई ईंटें।
इस स्पर्धा में भाग लेने वालों को पुरानी और फटी हुई करंसी दी गई थी।इस स्पर्धा में भाग लेने वालों को पुरानी और फटी हुई करंसी दी गई थी।
अाम ईंट की अपेक्षा यह हल्की और सस्ती हैं।अाम ईंट की अपेक्षा यह हल्की और सस्ती हैं।
सिटी के लिए लोगो डिजाइनिंग करने के लिए स्मार्ट सिटी स्पर्धा में भी 5 अवार्ड मिले।सिटी के लिए लोगो डिजाइनिंग करने के लिए स्मार्ट सिटी स्पर्धा में भी 5 अवार्ड मिले।
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