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जहां डॉ. कलाम ने मिसाइल का परीक्षण किया था, वहां गुज्जू गर्ल कर रही है रिसर्च

पिता-भाई ने 18 घंटे तक मेहनत कर मुझे पढ़ाया, उनकी मेहनत को कैसे अनदेखा करती।

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 04:44 PM IST
स्वाति खोखाणी। स्वाति खोखाणी।

माधापर। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के तहत डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन में माधापर की 25 वर्षीय स्वाति खोखाणी की रिसर्चर के लिए चयन हुआ है। पूरे गुजरात से केवल उसका ही चयन हुआ है। स्वाति के पिता मजदूरी करते हैं, बेटी की सफलता पर आज वे गर्व करते हैं। धापर के सरस्वती विद्यालय प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद स्वाति भुज की हाईस्कूल से की शिक्षा पूरी करने के बाद गणेश इंस्टीट्यूट चेन्नई में एयरोनोटिकल इंजीनियरिंग में बेचलर इन टेक्नालॉजी की पढ़ाई की है। स्वाति को गर्व है…

स्वाति को इस बात का गर्व है कि पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने जहां मिसाइल का परीक्षण किया था, वहीं वह सिम्युलेशन कर रही है। आकाश में उड़ते विमान को देखकर स्वाति ने तय कर लिया था कि वह इसी दिशा में आगे बढ़ेगी। पर घर की माली हालत बहुत ही खराब थी। पर उसके सपने को पूरा करने के लिए पिता और भाई ने अनथक मेहनत की। दोनों ने 18 घंटे मेहनत कर स्वाति की पढ़ाई में पूरा योगदान दिया। मैंने भी अपनी तरफ से कोई कसर बाकी नहीं रखी।

खूब पढ़ाई की स्वाति ने

चेन्नई में पढ़ने के साथ-साथ अलगप्पा यूनिवर्सिटी में उसने बेचरल इन साइंस में गणित विषय से ग्रेजुएट किया। इसके बाद वह लगातार इसी फील्ड में जाने के लिए अपने प्रयास जारी रखे। पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल तक बेंगलुरु में ट्यूशन क्लासेस अटेंड करने और आखिर में DRDO हैदराबाद में रिसर्चर के रूप जगह खाली हुई, तो उसकी परीक्षा देने के बाद उसका चयन हुआ।

समाज ने नर्स बनने के लिए कहा

बेटी की इच्छा को देखते हुए जब हमने समाज से उसकी पढ़ाई के लिए सहायता मांगने गए, तो वहां साफ कह दिया गया कि बेटे के सपने बहुत बड़े हैं, उसे नर्स की ट्रेनिंग दिलवा दो। हमें बुरा लगा, पर हम कुछ नहीं कर सकते थे। इसके बाद उसके पिता और भाई ने खूब मेहनत की, हमने उसकी पढ़ाई जारी रखी। आज जब बेटी ने एक उपलब्धि प्राप्त की है, तो उसी समाज ने बेटी को गोल्ड मेडल से नवाजा। यह किस्सा बताते हुए स्वाति का मां हंसाबेन खोखाणी के आंसू निकल आए।

मेरी बेटी ने दहेज में हमसे डिग्री मांगी थी। मेरी बेटी ने दहेज में हमसे डिग्री मांगी थी।