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हम एक-दूसरे के बिना जिंदा नहीं रह सकते...और आखिर में मान ही गई फेमली

प्रह्लाद और आरजू एक साथ करते थे नौकरी, प्यार हुआ और कर ली शादी।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 23, 2018, 04:31 PM IST

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    अहमदाबाद के मराठी युवक ने मुस्लिम युवती से की शादी।

    अहमदाबाद। शहर में वसंत पंचमी के पावन दिन पर मराठी जाति का सामूहिक विवाह आयोजित हुआ। इसमें अहमदाबाद के महाराष्ट्रीयन युवक ने अपनी मुस्लिम प्रेमिका के साथ परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत की। कपल ने कहा- यह शादी लव-जेहाद के नाम पर राजनीति करने वालों के मुंह पर जोरदार तमाचा है। नौकरी करते हुए प्रह्लाद की आंखें मिली आरजू से…

    शहर के वटवा के निवासी प्रह्लाद एक साल पहले राजकोट में नौकरी करता था। वहां उसके साथ काम करने वाली आरजू के साथ उसकी आंखें मिली। एक साल के भीतर ही दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। दोनों ने यह तय किया कि हमारी शादी में यदि समाज ने अवरोध उत्पन्न किए, तो समाज के खिलाफ जाकर शादी करेंगे। भास्कर से बातचीत करते हुए प्रह्लाद और आरजू ने बताया- पहले तो हमारे समाज ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। पर हमने जब उन्हें समझाया कि हमारे प्यार को समझो। हमें अलग करने की कोशिश मत करो। हम एक-दूसरे के बिना जिंंदा नहीं रह सकते। आखिर में हमारा परिवार मान गया और हमने शादी कर ली।

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    दोनों ने तय किया था कि समाज ने हमारा साथ नहीं दिया, तो उसके खिलाफ जाएंगे।
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    पहले शादी करने का फैसला किया, फिर परिवार वालों के पास गए।
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    धर्म अलग होने के कारण पहले तो साफ इंकार कर दिया गया।
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    आखिर परिवार ने हमारे प्यार को समझा और इजाजत दे दी।
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    आरजू ने महाराष्ट्रीयन युवती की तरह किया श्रृंगार।
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    महाराष्ट्रीयन रीति-रिवाज से हुई शादी।
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    दोनों समाज के लोग इस शादी में शामिल हुए।
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    वसंत पंचमी पर सामूहिक विवाह के दौरान हुई शादी।
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    नवदम्पति को समाज के लोगों ने विभिन्न चीजें उपहार में दी।
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    आखिर में हमारे परिवार ने हमारे प्यार को समझा और शादी की अनुमति दे दी।
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Web Title: Marathi Boy Marriage With Muslim Girl In Vadodara
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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