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माता-पिता को तलाशती मासूम आंखें, अब मौसी का ही सहारा

पिता अनपढ़ थे, इसलिए पूजा बेटी को इंग्लिश मीडियम में पढ़ा रहे थे।

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2018, 05:40 PM IST
किराए की राशि बेटी की शिक्षा पर खर्च हो, इसलिए 10x30 की एक दुकान में ही चारों रहते थे। किराए की राशि बेटी की शिक्षा पर खर्च हो, इसलिए 10x30 की एक दुकान में ही चारों रहते थे।

अहमदाबाद। 7 साल की उस मासूम के माता-पिता, भाई और चाचा अब इस दुनिया में नहीं है। उसकी आंखें बार-बार मां को तलाशती हैं। वह कभी मां, कभी पापा तो कभी अपने छोटे भाई को पुकारती है। अब उसका इस दुनिया में कोई नहीं है, मौसी ही है उसका सहारा। पूरा परिवार आग में जल गया। गरीब होने के कारण परिवार 10x30 के एक छोटे से कमरे में रहता था। पिता अनपढ़ थे, इसके बाद भी पूजा बेटी को वे इंग्लिश मीडियम में पढ़ा रहे थे। किराया बचाने के लिए परिवार दुकान में ही रहता…

नारणपुरा शास्त्रीनगर के पास वरदान टॉवर में ग्राउंड फ्लोर पर स्थित किराने की दुकान में सुबह लगी आग से एक ही परिवार के चार लोग जल कर खत्म हो गए। मृतकों में दो वर्ष का बच्चा भी शामिल है। स्कूल गई बड़ी बेटी पूजा ही बच पाई है। अब उस पूजा का मौसी के सिवाय इस संसार में कोई नहीं है। आसपास के लोगों ने बताया कि उनके छोटे से घर में गैस लीकेज था, लेकिन वे उसकी गंध को पहचान नहीं पाए। गैस का रेग्युलेटर भी काफी समय से नहीं बदला गया था। सुबह जब लीला बेन ने गैस जलाई, तो पूरे कमरे में आग लग गई। उन्होंने घर का शटर खोलना चाहा, पर शटर के पास ही उनका दम घुट गया। घर में कोई वेंटीलेशन भी नहीं था। अपने वाहन भी वे कमरे के अंदर ही रखते थे।

रिपेरिंग के लिए मेकेनिक के पास गए थे चुन्नीलाल

सोमवार की शाम को चुन्नीलाल गैस की रिपेरिंग के लिएकिसी को बुलाया था, पर वह नहीं पहुंच पाया। इसलिए गैस रात भर लीकेज होती रही। सुबह गैस चालू करते ही तेज आवाज के साथ आग लग गई। आसपास के लोगों ने उस परिवार को कई बार चेतावनी दी थी कि अपने घर को ठीक करवा लो। इस बाबत कई बार विवाद भी हुआ। दुकान में काफी सामान था, इसलिए गैस की गंध को परिवार पहचान नहीं पाया।

फायर ब्रिगेड पहुंची, तब सभी बेहोश थे

आग लगने की सूचना जैसे ही फायर ब्रिगेड को मिली, टीम तुरंत वहां पहुंच गई। शटर तोड़कर जब टीम ने उनके घर में प्रवेश किया, तो चारों बेहोश थे। उन्हें अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पर वहां इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई।

चुन्नीलाल का भाई पहली बार रुका था

चुन्नीलाल का भाई मोहन अपने भाई के साथ ही दुकान चलता था। मोहन रोज सुबह दुकान आता और शाम को अपने घर चला जाता। सोमवार की रात वह अपने भाई के साथ ही रह गया। उधर बड़ी बेटी पूजा अपनी बुआ के घर गई थी और वहीं से स्कूल चली गई, इसलिए बच गई।

मूल रूप से पाली के चुन्नीलाल बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते थे। मूल रूप से पाली के चुन्नीलाल बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते थे।
माता-पिता और भाई की मौत से अनजान पूजा। माता-पिता और भाई की मौत से अनजान पूजा।
बेटी एक दिन पहले बुआ के घर गई थी, वहीं से स्कूल चले जाने के कारण बच गई। बेटी एक दिन पहले बुआ के घर गई थी, वहीं से स्कूल चले जाने के कारण बच गई।
दुकान में काफी सामान होने के कारण गैस लीकेज की गंध आई नहीं। दुकान में काफी सामान होने के कारण गैस लीकेज की गंध आई नहीं।
सुबह लीला बेन ने जैसे ही गैस चालू किया, आग पूरे कमरे में फैल गई। सुबह लीला बेन ने जैसे ही गैस चालू किया, आग पूरे कमरे में फैल गई।
फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया, और शटर तोड़कर परिवार के चारों सदस्यों को बाहर निकाला। उस समय चारों बेहोश थे। फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया, और शटर तोड़कर परिवार के चारों सदस्यों को बाहर निकाला। उस समय चारों बेहोश थे।
सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, पर 80 प्रतिशत जल जाने के कारण कोई भी बच नहीं पाया। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, पर 80 प्रतिशत जल जाने के कारण कोई भी बच नहीं पाया।
चुन्नीलाल चौधरी सात साल से प्रोविजन स्टोर चला रहे थे। चुन्नीलाल चौधरी सात साल से प्रोविजन स्टोर चला रहे थे।
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किराए की राशि बेटी की शिक्षा पर खर्च हो, इसलिए 10x30 की एक दुकान में ही चारों रहते थे।किराए की राशि बेटी की शिक्षा पर खर्च हो, इसलिए 10x30 की एक दुकान में ही चारों रहते थे।
मूल रूप से पाली के चुन्नीलाल बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते थे।मूल रूप से पाली के चुन्नीलाल बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते थे।
माता-पिता और भाई की मौत से अनजान पूजा।माता-पिता और भाई की मौत से अनजान पूजा।
बेटी एक दिन पहले बुआ के घर गई थी, वहीं से स्कूल चले जाने के कारण बच गई।बेटी एक दिन पहले बुआ के घर गई थी, वहीं से स्कूल चले जाने के कारण बच गई।
दुकान में काफी सामान होने के कारण गैस लीकेज की गंध आई नहीं।दुकान में काफी सामान होने के कारण गैस लीकेज की गंध आई नहीं।
सुबह लीला बेन ने जैसे ही गैस चालू किया, आग पूरे कमरे में फैल गई।सुबह लीला बेन ने जैसे ही गैस चालू किया, आग पूरे कमरे में फैल गई।
फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया, और शटर तोड़कर परिवार के चारों सदस्यों को बाहर निकाला। उस समय चारों बेहोश थे।फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया, और शटर तोड़कर परिवार के चारों सदस्यों को बाहर निकाला। उस समय चारों बेहोश थे।
सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, पर 80 प्रतिशत जल जाने के कारण कोई भी बच नहीं पाया।सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, पर 80 प्रतिशत जल जाने के कारण कोई भी बच नहीं पाया।
चुन्नीलाल चौधरी सात साल से प्रोविजन स्टोर चला रहे थे।चुन्नीलाल चौधरी सात साल से प्रोविजन स्टोर चला रहे थे।
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