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‘म्हारी छोरियां छोरों से कम हे के’, गुज्जु गर्ल्स का शहर में दंगल

इस राज्यस्तरीय स्पर्धा में कई गुज्जू गर्ल्स ने अपनी प्रतिमा का प्रदर्शन किया।

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 01:49 PM IST

अहमदाबाद। पूरे गुजरात में इस समय उन गुज्जु गर्ल्स की चर्चा है, जो फिल्म दंगल की तरह अपनी प्रतिमा का प्रदर्शन करने के लिए कुश्ती के मैदान में उतरी थी। हाल ही में हिंदी भाषा प्रचार संघ द्वारा यहां कुश्ती एवं कबड्डी स्पर्धा का आयोजन किया गया। जो पूरी तरह से महिलाओं के लिए ही थी। राज्यस्तर पर आयोजित इस स्पर्धा में कई गुज्जू गर्ल्स ने अपनी प्रतिमा का प्रदर्शन कर सिद्ध कर दिया कि वे भी किसी से कम नहीं हैं। बेटी पढ़ेगी, तो कुल आगे बढ़ेगा…

‘बेटी पढ़ेगी, तो कुल आगे बढ़ेगा’ इस कहावत को चरितार्थ करने के उद्देश्य से अहमदाबाद शहर की एक संस्था हिंदीभाषा प्रचार संघ द्वारा राज्य स्तर पर कुश्ती और कबड्डी का आयोजन कराया गया। इसकी विशेषता यही थी कि इसमें केवल बेटियां ही भाग ले सकती थीं, ताकि वो भी बता सकें कि बेटियां भी किसी से कम नहीं होती।

दंगल में आमिर का संवाद

आमिर खान की फिल्म दंगल में उनका एक संवाद है ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम हे के’, इस फिल्म के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि बेटियां किसी से कम नहीं होती, वे भी दो कुलों का नाम रोशन करती हैं। यह फिल्म पूरे भारत ही नहीं, बल्कि चीन में भी काफी चर्चित रही। इस स्पर्धा में 35 से 54 किलोग्राम वजन की बेटियों ने भाग लिया। पिछले साल भी यह स्पर्धा आयोजित की गई थी, जिसे काफी सराहा गया था, इसीलिए इस साल भी यह स्पर्धा आयोजित की गई। इस स्पर्धा में जिन स्कूलों की छात्राओं ने भाग लिया था, उन स्कूलों के नाम इस प्रकार हैं:-

- शेठ.सी.एल हिन्दी हाईस्कूल, रखियाल, अहमदाबाद

- सरस्वती हाईस्कूल, सरसपुर, अहमदाबाद

- रमत गम्मत संकुल, खोखरा, अहमदाबाद

- स्पोर्ट्स ओथोरीटी, गांधीनगर

- नडियाद स्पोर्ट्स ग्राउन्ड

- राष्ट्रभारती हिन्दी स्कूल, अहमदाबाद

- विवेकानंद हिन्दी हाईस्कूल, अहमदाबाद

- भावनगर स्पोर्ट्स ग्राउन्ड

- शेठ.एम.ए हाईस्कूल, पाटण

- कडी सर्वोदय विद्यालय, महेसाणा​