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थानगढ़ से ऊनाकांड: दलित अत्याचार का एपी सेंटर बन रहा है गुजरात

राज्य में दलित अत्याचार की घटनाओं में एक साल में 31 प्रतिशत का इजाफा।

Dainik Bhaskar

Apr 03, 2018, 02:28 PM IST
राज्य सरकार के उपेक्षित व्यवहार के खिलाफ दलितों में भड़क रहा आक्रोश। राज्य सरकार के उपेक्षित व्यवहार के खिलाफ दलितों में भड़क रहा आक्रोश।

अहमदाबाद। SC/ST एक्ट में बदलाव पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले के खिलाफ काफी संख्या में दलित संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया गया, इसे सफल बनाने के लिए अहमदाबाद समेत पूरे गुजरात में दिन भर दलित संगठन और प्रदर्शनकारी रास्ते पर उतर आए। कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुए। एक साल में राज्य में दलित अत्याचार घटनाओं में 31 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है। दलित अत्याचार का एपी सेंटर…

दलित अत्याचार की घटनाओं में हो रही वृद्धि से यह साफ है कि गुजरात अब इसका एपी सेंटर बनता जा रहा है। 2012 में थानगढ़ में पुलिस फायरिंग से तीन दलित युवाओं की मौत से लेकर 2016 में ऊना तहसील के मोटा समढियाणा गांव में गाय का चमड़ा उतार रहे दलित समुदाय के युवाओं को खुलेआम खूब मारने की घटना हुई। दूसरी तरफ भानुभाई बुनकर जैसे दलित भी हैं, जिन्हें अपने अधिकार की जमीन को लेने के लिए कलेक्टर कार्यालय में आत्मविलोपन करना पड़ रहा है। इन घटनाओं से गुजरात में दलितों की दयनीय स्थिति उभरकर सामने आती है। यही कारण है कि दलित आंदोलन और अधिक उग्र हुआ।

तीन युवाओं की मौत्, रिपोर्ट अभी तक नहीं

सुरेंद्रनगर जिले के थानगढ़ शहर में 2012 में पुलिस फायरिंग में तीन दलित युवाओं की मौत हो गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट काफी पहले ही दे दी है, पर आज तक उस रिपोर्ट को घोषित नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर मृतक के परिजनों समेत अनेक सामाजिक संस्थाओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इसके बाद भी रिपोर्ट बाहर नहीं आई है। इस तरह से दलितों में सरकार के प्रति आक्रोश दिखाई दे रहा है।

4 जवानों को अर्धनग्न कर परेड करवाई

गुजरात में हाल ही में दलित अत्याचार की सबसे करुण और घृणास्पद घटना 11 जुलाई 2016 को गिर सोमनाथ जिले के ऊना तहसील के मोटा समढियाणा गांव में हुई थी। एक मृत गाय के शरीर से चमड़ा निकाल रहे युवाओं को गौ रक्षकों ने खूब मारा और फिर उन्हें रस्सी से बांधकर एसयूवी कार के साथ् अर्धनग्न अवस्था में शहर में परेड करवाई। खेदजनक यह है कि यह परेड पुलिस थाने के सामने से गुजरी, किंतु पुलिस निर्लज्ज बनकर चुपचाप तमाशा देखती रही।

वीडियाे वायरल होते ही हाहाकार

इस घटना का वीडियो वायरल होते ही पूरे गुजरात ही नहीं, बल्कि देशभर में हाहाकार मच गया था। मोदी के गुजरात में दलितों की दुर्दशा जैसे शीर्षकों से देशभर में खबरें लिखी गई। इससे दलितों का आक्रोश फट पड़ा। जिससे 20 दलितों ने आत्मविलोपन का प्रयास किया। करीब दर्जनभर वाहनों को आग लगा दी गई। इस दंगे में पत्थरबाजी से एक पुलिसकर्मी घायल भी हुआ, जिसकी बाद में मौत हो गई।

भानुभाई के मामले से दुर्दशा का पता चला

अपनी ही जमीन के कब्जे को लेकर भानुभाई बुनकर ने 15 फरवरी को जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मविलोपन कर लिया। इस घटना से पूरा गुजरात सहम गया। राज्य के दलित गलियों में उतर आए। कानून-व्यवस्था की स्थिति भी लाचार नजर आई। इन तमाम घटनाओं से राज्य में दलितों के प्रति उदासीनता से यह आक्रोश उभरकर सामने आया।

दलित अत्याचार में 31 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार गुजरात में एक साल में दलितों पर अत्याचार के मामले में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका आंकड़ा 1321 बताया गया है। वर्ष 2016 में दलितों पर अत्याचार के 1009 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2017 में 31 प्रतिशत बढ़कर 1321 हो गए। उल्लेखनीय है कि यह तो पुलिस के आंकड़े हैं, मूल रूप से हालत और भी खराब हो सकती है।

थानगढ़ कांड, पुलिस फायरिंग में मारे गए 3 दलितों की मौत की रिपोर्ट का खुलासा नहीं। थानगढ़ कांड, पुलिस फायरिंग में मारे गए 3 दलितों की मौत की रिपोर्ट का खुलासा नहीं।
नाकांड:चार दलित युवाओं को बुरी तरह से मारकर अर्धनग्न कर गांव में परेड करवाई। नाकांड:चार दलित युवाओं को बुरी तरह से मारकर अर्धनग्न कर गांव में परेड करवाई।
भानुभाई बुनकर का आत्मविलोपन दलितों की दुर्दशा बताता है। भानुभाई बुनकर का आत्मविलोपन दलितों की दुर्दशा बताता है।
गुजरात में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में एक साल में 31 प्रतिशत वृद्धि। गुजरात में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में एक साल में 31 प्रतिशत वृद्धि।
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राज्य सरकार के उपेक्षित व्यवहार के खिलाफ दलितों में भड़क रहा आक्रोश।राज्य सरकार के उपेक्षित व्यवहार के खिलाफ दलितों में भड़क रहा आक्रोश।
थानगढ़ कांड, पुलिस फायरिंग में मारे गए 3 दलितों की मौत की रिपोर्ट का खुलासा नहीं।थानगढ़ कांड, पुलिस फायरिंग में मारे गए 3 दलितों की मौत की रिपोर्ट का खुलासा नहीं।
नाकांड:चार दलित युवाओं को बुरी तरह से मारकर अर्धनग्न कर गांव में परेड करवाई।नाकांड:चार दलित युवाओं को बुरी तरह से मारकर अर्धनग्न कर गांव में परेड करवाई।
भानुभाई बुनकर का आत्मविलोपन दलितों की दुर्दशा बताता है।भानुभाई बुनकर का आत्मविलोपन दलितों की दुर्दशा बताता है।
गुजरात में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में एक साल में 31 प्रतिशत वृद्धि।गुजरात में दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में एक साल में 31 प्रतिशत वृद्धि।
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