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मासूम का सिर फर्स्ट फ्लोर पर था और शरीर ग्राउंड फ्लोर पर, लिफ्ट मेंं फंसने से मौत

एक साल से लिफ्ट का मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा है, बिल्डर और वहां रहने वालों के बीच मतभेद।

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 01:54 PM IST
मयंक का सिर फर्स्ट फ्लोर पर और बाकी का शरीर ग्राउंड फ्लोर पर लटक रहा था, जब बहन मुस्कान चीखने लगी, तब फर्स्ट पर्सन जो घटनास्थल पर पहुंचे। मयंक का सिर फर्स्ट फ्लोर पर और बाकी का शरीर ग्राउंड फ्लोर पर लटक रहा था, जब बहन मुस्कान चीखने लगी, तब फर्स्ट पर्सन जो घटनास्थल पर पहुंचे।

अहमदाबाद। त्रागड गांव रोड पर स्थित 307 रेसीडेंसी फ्लैट में रविवार की दोपहर लिफ्ट में फंस जाने से 6 साल के मासूम की मौत हो गई। यह हादसा इतना भयानक था कि बच्चे का सिर फर्स्ट फ्लोर पर और शरीर ग्रांउड फ्लोर पर था। बिल्डर और रहवासियों के बीच मतभेद के कारण एक साल से लिफ्ट का मेंटेनेंस नहीं हो रहा था। लिफ्ट में टीन की एक चादर लग जाती, तो यह हादसा नहीं हुआ होता। सलाखें काटकर बच्चे के शरीर को बाहर निकाला गया…

इस बिल्डिंग में दूसरे माले पर 208 पर रहने वाले कुमकुम मिश्रा के 6 वर्षीय जुड़वा बच्चे मयंक और मुस्कान दोपहर को 12 बजे लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर गए थे। जहां मुस्कान ने वापस लिफ्ट में जाकर उसके अंदर का दरवाजा बंदर कर दूसरे माले का बटन दबा दिया। बहन के साथ जाने के लिए मंयक ने लिफ्ट का जाली वाला दरवाजा पकड़कर उसे खोलने की कोशिश करने लगा। इस दौरान लिफ्ट के बाहर का लकड़ी का दरवाजा बंद हो जाने से लिफ्ट चालू हो गई। इस कारण मयंक लिफ्ट के साथ ऊपर खींच गया। इससे वह ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर के बीच फंस गया। इससे मयंक से माथे पर गंभीर चोट पहुंची। अपने भाई को लिफ्ट में फंसा देखकर मुस्कान ने चीखना शुरू किया। इससे फ्लैट के लोग वहां पहुंच गए। सभी ने मिलकर मयंक को बमुश्किल लिफ्ट से बाहर निकाला। उसे चांदखेड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 6 घंटे तक वेंटिलेटर में रखने के बाद देर रात उसकी मौत हो गई।

मयंक के पिता कुवैत में रहते हैं

कुमकुम बेन उस मकान में अपने तीन बच्चों मयंक, मुस्कान, दीप ननद पूजा और सास के साथ रहती हैं। पति मनोज मिश्रा कुवैत में नौकरी करते हैं। फ्लैट के मेंटेनेंस को लेकर वहां रहने वालों में काफी मतभेद हैं। इस कारण पिछले एक साल से लिफ्ट का मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा था। लिफ्ट के अंदर और बाहर के दरवाजे के बीच एक खाली जगह होती है। इसे भरने के लिए बाहर के लकड़ी के दरवाजे के अंदर के भाग में टीन की एक चादर लगाई गई है। यह चादर ग्राउंड फ्लोर के लिफ्ट के दरवाजे पर नहीं लगी है। इस कारण रविवार को लिफ्ट के अंदर के दरवाजे को पकड़कर मयंक खड़ा था। तभी बाहर का लकड़ी का दरवाजा बंद हो गया। शब्दकुमार मिश्रा, मयंक के चाचा

मां-बेटी की हालत खराब

मयंक की मौत के बाद बहन मुस्कान बुरी तरह से घबरा गई थी। वह लगातार रो रही थी। उधर मां कुमकुम बेन मयंक की मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गई। आसपास के लोगों ने बमुश्किल दोनों को संभाला।

अंतिम संस्कार के लिए पिता कुवैत से आएंगे

पोस्ट मार्टम के बाद मयंक का शव सिविल अस्पताल के कोल्ड रूप में रखवा दिया गया है। उसके पिता मनोज भाई कुवैत से निकल गए हैं। वे मंगलवार को अहमदाबाद पहुंचेंगे। उसके बाद ही मयंक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लिफ्ट के दरवाजे पर टीन की एक चादर लगा दी जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी। लिफ्ट के दरवाजे पर टीन की एक चादर लगा दी जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी।
लिफ्ट के दो दरवाजों के बीच खाली जगह पर कोई आधार नहीं होने से जुड़़वा बच्चों में से भाई की मौत हो गई। लिफ्ट के दो दरवाजों के बीच खाली जगह पर कोई आधार नहीं होने से जुड़़वा बच्चों में से भाई की मौत हो गई।
फ्लैट के मेेंटेनेंस को लेकर बिल्डर और रहवासियों में मतभेद। फ्लैट के मेेंटेनेंस को लेकर बिल्डर और रहवासियों में मतभेद।
लिफ्ट की सलाखों को तोड़कर मयंक को बाहर निकाला गया। लिफ्ट की सलाखों को तोड़कर मयंक को बाहर निकाला गया।
The body of a baby crushed in a lift
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मयंक का सिर फर्स्ट फ्लोर पर और बाकी का शरीर ग्राउंड फ्लोर पर लटक रहा था, जब बहन मुस्कान चीखने लगी, तब फर्स्ट पर्सन जो घटनास्थल पर पहुंचे।मयंक का सिर फर्स्ट फ्लोर पर और बाकी का शरीर ग्राउंड फ्लोर पर लटक रहा था, जब बहन मुस्कान चीखने लगी, तब फर्स्ट पर्सन जो घटनास्थल पर पहुंचे।
लिफ्ट के दरवाजे पर टीन की एक चादर लगा दी जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी।लिफ्ट के दरवाजे पर टीन की एक चादर लगा दी जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी।
लिफ्ट के दो दरवाजों के बीच खाली जगह पर कोई आधार नहीं होने से जुड़़वा बच्चों में से भाई की मौत हो गई।लिफ्ट के दो दरवाजों के बीच खाली जगह पर कोई आधार नहीं होने से जुड़़वा बच्चों में से भाई की मौत हो गई।
फ्लैट के मेेंटेनेंस को लेकर बिल्डर और रहवासियों में मतभेद।फ्लैट के मेेंटेनेंस को लेकर बिल्डर और रहवासियों में मतभेद।
लिफ्ट की सलाखों को तोड़कर मयंक को बाहर निकाला गया।लिफ्ट की सलाखों को तोड़कर मयंक को बाहर निकाला गया।
The body of a baby crushed in a lift
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