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पद्मावती पर अहमदाबाद में हिंसा: चार FIR में है आतंक की कहानी

फिल्म के नाम पर शहर के अनेक इलाकों में आग लगाने वाले दंगाइयों की हरकतें।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 25, 2018, 01:44 PM IST

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    दंगाइयों की भीड़ ने की आगजनी।

    अहमदाबाद। मंगलवार को यहां इधर केंडल मार्च शुरू हुआ, उधर शहर के अनेक स्थानों पर दंगाइयों ने आतंक फैलाया। कई स्थानों पर वाहनो पर आग लगा दी। दुकानों में तोड़फोड़ की। एक कांस्टेबल का गला दबाकर मारने की काेशिश भी की। पुलिस थानों में दर्ज चार FIR में है दंगाइयों के आतंक की कहानी। आखिर क्या है कहानी…

    मैं डी एन साधू, पुलिस इंस्पेक्टर जोधपुर पुलिस चौकी सेटेलाइट पुलिस स्टेशन। 23 जनवरी को मैं ड्यूटी पर हाजिर था, तभी थाने में सुरेंद्र सिंह चंद्रसिंह जाडेजा पुष्पक अपार्टमेंट, नारणपुरा आए। उन्होंने फिल्म पद्मावत के विरोध में एक केंडल मार्च निकालने की अनुमति मांगी। शाम 6 बजे मैं एक अन्य पुलिसकर्मी और दो वीडियोग्राफर के साथ लेकर केंडल मार्च की व्यवस्था में था। तब शाम के 7 बजे थे, सुरेंद्र सिंह 400 लोगों के साथ केंडल मार्च निकालने के लिए आए थे। इन सभी ने इस्कॉन ब्रिज के नीचे अपने वाहन पार्क किए और हाथ में केंडल लेकर जय भवानी के नारे के साथ फिल्म पद्मावत का विराेध करते हुए रैली निकाली। रैली के बाद जब हमने कहा कि आपका केंडल मार्च हो गया, अब जाओ, तो उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। सभी ने वहां से गुलमोहर पार्क में घुसने कीे कोशिश की। परंतु वहां पुलिस तैनात थी, इसलिए भीड़ मॉल का कांच तोड़ने लगी। भीड़ को बिखेरने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया, तो कुछ लोग एसजी हाइवे की तरफ तो कुछ लोग सेर सेरा सिनेमा की तरफ भागने लगे। भागते-भागते वह यह कह रहे थे कि किसी को नहीं छोड़ेंगे, जिस सिनेमा हाल में फिल्म का प्रदर्शन होगा, उसे जला देंगे। ऐसा कहती हुई भीड़ थलतेज की तरफ बढ़ी। हम लोग इस्कॉन ब्रिज के नीचे जहां उनके वाहन खड़े थे। वहां पर रैली से आने वाले लोगों ने अपने वाहन लेने वालों को पकड़ा और करीब 110 वाहनों को डिटेन किया गया।

    कांस्टेबल का गला दबाकर मारने की कोशिश

    वीआर पटेल, पुलिस सब इंस्पेक्टर, नौकरी घाटलोडिया पुलिस स्टेशन, आज 23 जनवरी को रात 8 बजे मैं अपनी ड्यूटी पर हाजिर हुआ। तब हमें आदेश हुआ कि हमें हिमालया मॉल जाना है, जहां फिल्म पद्मावत को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां जाकर हमने देखा कि करीब 2000 लोगों की भीड़ दूरदर्शन चौराहे से जय भवानी, जय राजपूत के नारे लगाती हुई वाहनों पर पत्थर फेंक रही थी। भीड़ ने मेट्रो प्रोजेक्ट की लाइटों को भी तोड़ दिया। सभी के हाथ में पत्थर, लाठी और ज्वलनशील पदार्थ से भरी प्लास्टिक की बोतलें थीं। सभी हिमालया मॉल की तरफ जा रहे थे। इस दौरान भीड़ ने टू व्हीलर्स को आग लगाना शुरू कर दिया। हम सभी हिमालया मॉल के दरवाजे पर खड़े हो गए। हम सभी ने भीड़ को मॉल के अंदर जाने से रोका। इससे भीड़ गुस्से में आ गई। भीड़ में से किसी ने हमारे साथी लालजी भाई का गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की। इससे उन्होंने अपनी सर्विस रिवाल्वर से हवा में दो राउंड फायर किए। इससे भीड़ ने उन्हें छोड़ दिया।

    भीड़ ने रास्ते पर खड़े वाहनों में तोड़-फोड़ की

    मैं एम ए वाघेला, सब इंस्पेक्टर वस्त्रापुर पुलिस स्टेशन 23 जनवरी को स्टाफ के लोगों के साथ अहमदाबाद वन मॉल वस्त्रापुर में हाजिर था। इस दौरान करीब 1500 लोगों की भीड़ हिमालया मॉल से अहमदाबाद वन मॉल की तरफ बढ़ रही थी। उस समय रात के साढ़े नौ बजे थे। हमने भीड़ को रोकने की कोशिश की। इस दौरान भीड़ हिमालया मॉल से पंजाब होंडा शो रूम और गुरुकुल होते हुए बहुमंजिली इमारत, सरकारी आबादी, शबरी कुटीर बंग्लोज, आकाश-2, अहमदाबाद वन मॉल की ओर चली गई। इस दौरान भीड़ में से कुछ बेकाबू लोगों ने रास्ते में खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। कुछ वाहनों में आग भी लगा दी। वन मॉल के पास सरकारी वीसीआर वेन के पीछे का कांच पत्थर मारकर तोड़ दिया। इस तरह से इन लोगों की हरकतें रात सवा दस बजे तक चलती रहीं।

    भीड़ ने हमारे सामने 7 वाहन जलाए

    मैं एम एम जाडेजा, सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर वस्त्रापुर पुलिस स्टेशन, हम एक्रोपोलिस मॉल के पास तैनात थे। इस दौरान सवा आठ बजे गुरुद्वारा तरफ से 200 लोगों का समूह जय भवानी, जय राजपूत के नारे लगाता हुआ हमारी तरफ आया। समूह में कई लोगों के हाथों में लाठी, ज्वलनशील पदार्थ की बाेतलें, कंटेनर थे। सभी हाथ लहराते हुए जला दो, निपटा दो, चीख रहे थे। जब भीड़ पीवीआर सिनेमा की तरफ जाने की कोशिश करने लगी, तो हमने रोका, तो भीड़ उत्तेजित हो गई। सभी फिल्म को रिलीज नहीं होने देने की बात कह रहे थे। इसी बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ लोगों ने हमारे सामने ही पब्लिक के 7 वाहनों में आग लगा दी। हम कुछ नहीं कर पाए। चार पहिया वाहनों के कांच तोड़ दिए। इतने में वहां से एसटी की बस गुजरी, तो भीड़ ने उस पर पत्थरबाजी की। घटनास्थल से अरेस्ट किए गए ऋषिराज सिंह किशोर सिंह जाडेजा, धर्मराजसिंह किशोर सिंह जाडेजा, गोपाल सिंह सिद्धराजसिंह वाघेला, वीरेंद्रसिंह राजेंद्र सिंह सोलंकी, विक्रमसिंह बलवंत सिंह राठौड़, जयदीपसिंह दिलीपसिंह सोलंकी और कुलदीपसिंह बाबूभाई सोलंकी से पूछताछ की गई।

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Web Title: There Are Four FIRs In The Police Which Contain The Story Of The Victim
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