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21 साल पुराने मामले पर तोगड़िया को मिली राहत, गैरजमानती वारंट रद्द

1996 में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सरदार स्टेडियम में भाजपा नेता आत्माराम पटेल की धोती खींची थी और जान से मारने का प्रयास

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 05:22 PM IST
आत्माराम पटेल की धोती खींचने के 21 साल पुराने मामले में तोगड़िया एवं 39 के खिलाफ वारंट। आत्माराम पटेल की धोती खींचने के 21 साल पुराने मामले में तोगड़िया एवं 39 के खिलाफ वारंट।

अहमदाबाद। 21 साल बाद धोती कांड में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया समेत 39 लोगों के खिलाफ मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद आज तोगड़िया ने वारंट रद्द करने की अर्जी दाखिल की थी। दूसरी तरफ कोर्ट ने तीन लोगों का वारंट रद्द करने की अर्जी को मंजूर किया। काेर्ट ने बाबू जमना, इलेश पटेल और मुकुल जोशी की अर्जी को मान्य रखा। इसके बाद दोपहर 2 बजे तोगड़िया कोर्ट में हाजिर हुए, इससे उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट रद्द कर दिया गया। वरिष्ठ नेता आत्माराम की खींची थी धोती…

1996 में भाजपा में हुए हजुरिया-खजूरिया कांड के बाद सरदार पटेल स्टेडियम में एक आम सीाा में भाजपा के वरिष्ठ नेता आत्माराम पटेल की धोती खींची गई और उनकी हत्या का प्रयास किया गया। इस मामले मेें मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने 39 कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैरजमानती वारंट इश्यू कर आगामी 30 जनसरी तक आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित करने का आदेश पुलिस को दिया था। इस संदर्भ में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया शुक्रवार को कोर्ट में हाजिर हुए।

कोर्ट परिसर में पुलिस का काफिला तैनात

प्रवीण तोगड़िया के आने की सूचना मात्र से वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता काफी संख्या में कोर्ट परिसर पहुंचने से वहां पुलिस का काफिला ही तैनात कर दिया गया। भारी उत्तेजना के बीच तोगड़िया के समर्थन में लोग जमा हुए थे। इसके पहले राज्य सरकार ने इस केस को बंद करने की सिफारिश की थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था।

क्या है पूरा मामला

1996 में भाजपा के दो गुटों के बीच सत्ता संघर्ष हुआ। जिसमें कुछ विधायकों का अपहरण कर उन्हें मध्यप्रदेश के खजुराहो ले जाया गया था। जो रह गए थे, उन्हें हजुरिया कहा गया और जो खजुराहो ले जाए गए थे उन्हें खजुरिया कहा गया। इन विधायकों में पहले समाधान हो गया था। परंतु बाद में विवाद फिर बढ़ गया। 20 मई 1996 को सरदार पटेल स्टेडियम में एक आम सभा हुई। इस सभा में शंकर सिंह वाघेला समर्थक के रूप में उपस्थित आत्माराम पटेल पर भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इस दौरान उनकी धोती खींची गई और उन्हें जान से मारने का प्रयास भी किया गया। इस मामले पर तोगड़िया, बाबू जमना दास, कार्पोरेटर कृष्ण्वदन ब्रह्मभट्ट उर्फ कोको, इलेश पटेल, एडवोकेट मिनेश वाघेला समेत 39 लोगों पर मामला दर्ज किया गया। आत्माराम पटेल, शंकर सिंह वाघेला के साथ खजुराहो गए थे, इससे भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था। इस मामले में हत्या का प्रयास समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।

काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित। काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित।
1996 में भाजपा कार्यकर्ताआें ने सरदार पटेल स्टेडियम में हमला किया था। 1996 में भाजपा कार्यकर्ताआें ने सरदार पटेल स्टेडियम में हमला किया था।
विधायक बाबूभाई पटेल, इलेश पटेल, कार्पोरेअर कृष्णवदन ब्रह्मभट्ट, एडवोकेट मिनेश वाघेला का समावेश। 30 जनवरी तक कोर्ट मे हाजिर होने का था फरमान। विधायक बाबूभाई पटेल, इलेश पटेल, कार्पोरेअर कृष्णवदन ब्रह्मभट्ट, एडवोकेट मिनेश वाघेला का समावेश। 30 जनवरी तक कोर्ट मे हाजिर होने का था फरमान।