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शाेरगुल के कारण चिड़ियों की संख्या में लगातार कमी

चार ग्राम दाने और तीन चम्मच पानी में दिन गुजरता है इन परिंदों का।

Dainik Bhaskar

Mar 20, 2018, 04:23 PM IST
अहमदाबाद में एनआईडी, कालूपुर रेल्वे स्टेशन, शाहपुर, चंडोला से आस्टोडिया तक का पट्टा, राणीप, चांदखेड़ा और बोपल में चिड़ियाएं देखने को मिलती हैं। अहमदाबाद में एनआईडी, कालूपुर रेल्वे स्टेशन, शाहपुर, चंडोला से आस्टोडिया तक का पट्टा, राणीप, चांदखेड़ा और बोपल में चिड़ियाएं देखने को मिलती हैं।

अहमदाबाद। आज 20 मार्च को वर्ल्ड स्पेरो डे है। पूरे विश्व में आज इन परिंदों का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। इन मूक परिंदों को दिन में केवल 4 ग्राम दाने और 3 चम्मच पानी की आवश्यकता होती है। इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि जब ये मेटिंग के लिए आमंत्रण भेजती हैं, तो शोरगुल के कारण उनका यह आमंत्रण नहीं पहुंच पाता। ब्रिटिश लाए थे चिड़ियाएं….

पक्षी विज्ञानी जगत किनखाबवाला ने बताया कि दुनिया में 26 प्रकार की चिडियाएं पाई जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि 300 साल पहले भारत में ब्रिटिशर्स स्टीमर से चिड़ियाओं को लाए थे। इसमें हाईस स्पेरो, यूरेशियन ट्री स्पेरो, रसेट स्पेरो, चेस्टनट शेल्डर, पेट्रोनिया स्पेरो का समावेश होता है। यदि हम सचमुच इनका संरक्षण करना चाहते हैं, तो अधिक से अधिक वृक्षों को लगाने, घर के बाहर चिड़ियों के लिए घोसले बनाने और उनके खाने के लिए दाने और पीने के लिए पानी रखना होगा।

चिड़िया के बारे में..

-चिड़िया माईग्रेटरी बर्ड नहीं है।

-एक चिड़िया नार्मल खुराक के लिए 5 कि.मी. तक ही जाती है।

- BNHS के सर्वेक्षण के अनुसार हाल ही में राजस्थान के भरतपुर में स्पेरो को रिंग पहनाई गई है। जो 1400 कि.मी. दूर कजाकिस्तान में पहुंच गई थी। यह एक अचरज की बात है।

स्वागत है चिड़िया तुम्हारा

स्पेरोमेन के रूप में विख्यात जगत किनखाबवाला के अनुसार 2008 में लंदन से विश्वभर में ऐसा संदेश पहुंचा है कि चिड़ियाएं कम हो रही हैं। इसके बाद से ‘स्वागत है चिड़िया तुम्हारा’ मिशन शुरू हो गया है।

भरतपुर में स्पेरोरिंग पहनाई गई, जो 1400 कि.मी. दूर कजाकिस्तान में देखी गई। भरतपुर में स्पेरोरिंग पहनाई गई, जो 1400 कि.मी. दूर कजाकिस्तान में देखी गई।
2008 से लंदन से यह संदेश बाहर आया कि चिड़ियाएं कम हो रही हैं। 2008 से लंदन से यह संदेश बाहर आया कि चिड़ियाएं कम हो रही हैं।
चिड़ियों के संरक्षण के लिए प्रख्यात जगत किनखाबवाला की गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने भी तारीफ की थी। चिड़ियों के संरक्षण के लिए प्रख्यात जगत किनखाबवाला की गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने भी तारीफ की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में जगत भाई का 2017 में उल्लेख किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में जगत भाई का 2017 में उल्लेख किया है।
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अहमदाबाद में एनआईडी, कालूपुर रेल्वे स्टेशन, शाहपुर, चंडोला से आस्टोडिया तक का पट्टा, राणीप, चांदखेड़ा और बोपल में चिड़ियाएं देखने को मिलती हैं।अहमदाबाद में एनआईडी, कालूपुर रेल्वे स्टेशन, शाहपुर, चंडोला से आस्टोडिया तक का पट्टा, राणीप, चांदखेड़ा और बोपल में चिड़ियाएं देखने को मिलती हैं।
भरतपुर में स्पेरोरिंग पहनाई गई, जो 1400 कि.मी. दूर कजाकिस्तान में देखी गई।भरतपुर में स्पेरोरिंग पहनाई गई, जो 1400 कि.मी. दूर कजाकिस्तान में देखी गई।
2008 से लंदन से यह संदेश बाहर आया कि चिड़ियाएं कम हो रही हैं।2008 से लंदन से यह संदेश बाहर आया कि चिड़ियाएं कम हो रही हैं।
चिड़ियों के संरक्षण के लिए प्रख्यात जगत किनखाबवाला की गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने भी तारीफ की थी।चिड़ियों के संरक्षण के लिए प्रख्यात जगत किनखाबवाला की गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने भी तारीफ की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में जगत भाई का 2017 में उल्लेख किया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में जगत भाई का 2017 में उल्लेख किया है।
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