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गुजरात में BJP से निपटने के लिए कांग्रेस की 'गुरिल्ला वॉर' टेकनिक

सचिन पायलट, ज्योदिरादित्य सिंधिया, संजय निरूपम और पृथ्वीराज चव्हाण की गुजरात में पार्टी के प्रचार के लिए काफी डिमांड है।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 12:49 PM IST

अहमदाबाद। गुजरात में पहले चरण के मतदान के लिए अब 15 दिन का ही समय बचा है। चुनावी रण में अब पूरी ताकत झोंकने में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों मोर्चों में से कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता। बीजेपी ने जिस तरह प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों समेत 50 दिग्गज नेताओं के जरिए कारपेट बॉम्बिंग की तैयारी की है, उसी की काट में कांग्रेस ने प्रचार के लिए 'गुरिल्ला वॉर' तकनीक अपनाने का फैसला किया है, जिस पर काम जारी है। राहुल गांधी का पांचवां गुजरात दौरा…

राहुलगांधी नवसर्जन यात्रा के तहत अब तक गुजरात में 3-3 दिन के चार दौरे कर चुके हैं। राहुल पांचवीं बार शुक्रवार को गुजरात के दो दिन के दौरे पर आए। राहुल के गुजरात दौरों की खास बात ये है कि इनमें पार्टी का राष्ट्रीय स्तर का या किसी दूसरे राज्य का कोई नेता नहीं होता। सिर्फ पार्टी के प्रभारी महासचिव और राज्य के नेता ही साथ होते हैं।

प्रचार में कांग्रेस की ट्रैक 2 रणनीति

कांग्रेस का मानना है कि राहुल का गुजरात में थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद जाना, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश बनाए रखने में बहुत कारगर साबित हुआ है। वे पार्टी को चार्ज रखने के साथ लोगों में भी पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखते हैं। राहुल कांग्रेस के पास सबसे बड़े 'क्राउड पुलर' चेहरा हैं। राहुल के बाद कांग्रेस 'ट्रैक 2' रणनीति के तहत इलाके और लोगों में पैठ के हिसाब से अपने दूसरे नेताओं को मैदान में उतारती है। गुजरात की सीमाएं तीन राज्यों- मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र से सटी हैं। राहुल जब दौरे पर नहीं होते तो इन तीनों राज्यों से पार्टी के नेताओं की उनके प्रभाव वाले इलाकों में रैलियां कराई जा रही हैं। यही वजह है कि इन तीन राज्यों से ताल्लुक रखने वाले नेताओं, जैसे सचिन पायलट, ज्योदिरादित्य सिंधिया, संजय निरूपम और पृथ्वीराज चव्हाण की गुजरात में पार्टी के प्रचार के लिए काफी डिमांड है। पार्टी सोशल मीडिया का भी जमकर सहारा ले रही है। अब देखना है कि यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।

कौन पड़ेगा भारी

जल्दी ही कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, बीके हरिप्रसाद सरीखे दिग्गज नेता भी प्रचार के मोर्चे पर बैटिंग करते देखे जाएंगे। 'काउंटर टैक्टिक्स' के तहत ये ध्यान रखा जाएगा कि जहां प्रधानमंत्री मोदी या बीजेपी के अन्य बड़े नेताओं की रैलियां हों, उसी के आसपास कांग्रेस नेताओं के भी कार्यक्रम रखे जाएं। नवजोत सिंह सिद्धू और राज बब्बर की लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी इन दोनों नेताओं को भी स्टार प्रचारकों की तरह मैदान में उतारेगी। कांग्रेस ने मीडिया प्रभारी रणदीप सूरजेवाला समेत अपने छह प्रवक्ताओं को 27 नवंबर से 14 दिसंबर तक गुजरात में कैम्प करने के लिए कहा है। कांग्रेस की ओर से अपने हर बड़े नेता को साफ कर दिया गया है कि वे किसी भी वक्त गुजरात जाने के लिए तैयार रहें। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के 'कॉरपेट बॉम्बिंग' या कांग्रेस के 'गुरिल्ला वार' टैक्निक प्रचार में कौन भारी साबित होता है।

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