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गुजरात चुनाव : 45 सीटों पर हर बार की हार टालने को कांग्रेस ने बनाई नई रणनीति

सूत्रों की मानें तो इस प्रकार के गठबंधन से कांग्रेस छह फीसदी वोट अपने पक्ष में करने की रणनीति तैयार की है।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 04:41 AM IST

गांधीनगर. पार्टी के असंतुष्टों, अन्य दलों के उम्मीदवारों तथा निर्दलीय उम्मीदवारों के कारण होने वाली हार को टालने के लिए कांग्रेस ने नई रणनीति बनाई है। सूत्रों की मानें तो टिकट वितरण के बाद हर साल असंतुष्ट कार्यकर्ता अन्य दलों की मदद से चुनाव मैदान में उतरते हैं। इससे कांग्रेस को कम से कम 45 सीटों का नुकसान होता है।


इस हार को टालने के लिए कांग्रेस ने आंदोलनकारियों और एनसीपी, जदयू जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन करके इनके बीच 36 सीटों का बंटवारा किया है। रणनीति के तहत छोटू वसावा (जो शरद यादव के जदयू का प्रतिनिधित्व करते हैं) को 7, अल्पेश ठाकोर को 9 और हार्दिक पटेल जिन नामों को सुझाएंगे ऐसे 15 लोगों को टिकट दिया जाएगा। ज्ञातव्य है कि अल्पेश और हार्दिक द्वारा सुझाए गए उम्मीदवार कांग्रेस के निशान पर चुनाव लड़ेंगे। जबकि छोटू वसावा के साथ अन्य उम्मीदवार भारतीय ट्राइबल पार्टी के बैनर तले मैदान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि यह कांग्रेस का एक विजयी फॉर्मूला है।

6% वोट अपने पक्ष में करने की योजना

सूत्रों की मानें तो इस प्रकार के गठबंधन से कांग्रेस छह फीसदी वोट अपने पक्ष में करने की रणनीति तैयार की है। गठबंधन न करने पर छोटू वसावा के उम्मीदवार 34 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले थे। जिसमें ओएसएस के बाबू वाघेला, मनसुख चावड़ा, करणाभाई मालधारी आदि मुख्य हैं। इन 34 सीटों पर खराब होने वाले मतों का आंकड़ा ढाई फीसदी हो जाता है। इसी प्रकार प्रदेश में पाटीदारों की कुल आबादी 12 फीसदी है। जिसमें से 9 फीसदी वोटिंग होती है। इस 9 फीसदी में से 7 फीसदी वोट भाजपा के पक्ष में जाता है।

हार्दिक के समर्थकों को टिकट देकर कांग्रेस ने प्रदेश में इससे होने वाले प्रभाव का आंकड़ा लगाया है। जिसके अनुसार भाजपा को मिलने वाले 7 फीसदी वोट से साढ़े तीन फीसदी वोट कांग्रेस की ओर डायवर्ट होगा। कुल मिलाकर कांग्रेस 6 फीसदी वोट अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है। इससे पहले असंतुष्टों, निर्दलीय और गठबंधन के कारण अन्य पार्टियों द्वारा होने वाले नुकसान का फायदा उसे नहीं मिलता था। हर साल कांग्रेस और भाजपा के बीच वोटों का अंतर 9 से 10 फीसदी रहा है।

आखिरी क्षणों में एनसीपी आठ सीटों पर करेगी गठबंधन, उम्मीदवार वापस लेंगे फॉर्म

कांग्रेस ने इस थ्यौरी को अमल में लाते हुए एनसीपी को भी साथ रखने का प्रयास किया है। एनसीपी आज 8 या 9 सीटों पर कांग्रेस के साथ गठबंधन की घोषणा कर सकती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत बोस्की ने गठबंधन की घोषणा करने की उम्मीद जाहिर की है। एनसीपी यदि सभी 182 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारती तो कई सीटों पर कांग्रेस को 5 से 10 हजार वोटों का नुकसान हो सकता था। एनसीपी की घोषणा से सीटों पर होने वाले नुकसान को टाला जा सकता है।