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पहली बार भगवान जगन्नाथ को चढ़ेगा बनारसी मोती का आभूषण

देश के अन्य जगन्नाथ मंदिरों में आभूषण चढ़ाने की पुरानी परंपरा है

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 04:49 PM IST

अहमदाबाद। भगवान जगन्नाथ का शुक्रवार, 13 जुलाई अाषाढ़ प्रतिप्रदा पर पहली बार बनारसी आभूषण से शृंगार किया जाएगा। महंत द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए आभूषण भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को अर्पित किए जाएंगे। अहमदाबाद में अब शुरू होगी यह परंपरा....

देश के अन्य जगन्नाथ मंदिरों में आषाढ़ प्रतिप्रदा पर आभूषण चढ़ाने की परंपरा है। यहां भी अब यह प्रथा शुरू की जाएगी। मंदिर के ट्रस्टी महेन्द्रभाई झा ने बताया कि भगवान जगन्नाथ के आषाढ़ प्रतिप्रदा का जो रूप है उसे नवयुवक के दर्शन के स्वरूप में जाना जाता है। भगवान जब मौसी के घर से आते हैं तो बीमार होते हैं लोगों में यह भाव दिखाई देता है।

जगन्नाथ का पहला मंदिर राजा गंगदेव ने बनाया

जगन्नाथ का पहला मंदिर बनाने वाले राजा गंगदेव थे। 11वीं शताब्दी का जगन्नाथ भगवान का यह पहला मंदिर है। उस दौरान भगवान जगन्नाथ को राष्ट्र देवता के रूप में प्रस्थापित किया गया था। राजा के मन में यह विचार आया कि राजा आभूषण पहनें आैर उनके राष्ट्रदेवता आभूषण न पहनें तो कैसा लगेगा? इस भाव से अविभूत होकर राजा ने भगवान जगन्नाथ को राजसी वस्त्र आैर आभूषण से अलंकृत किए। उसी समय से रथयात्रा से एक दिन पहले प्रतिप्रदा पर देशभर के जगन्नाथ मंदिरों में भगवान काे आभूषण चढ़ाया जाता है। इस बार महंत दिलीपदासजी महाराज द्वारा बनारसी मोती का आभूषण चढ़ाया जाएगा।