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प्रेम प्रकरण में दोस्त ने की दोस्त की जघन्य हत्या CCTV

भिंड़ी बाजार में दोस्त का गला रेत दिया, परिवार वालों को थी प्रेम प्रकरण की जानकारी।

Danik Bhaskar | Jun 20, 2018, 05:57 PM IST

सूरत। दो दोस्तों ने साथ बैठकर कुछ देर तक बातचीत की। इसके बाद एक ने अचानक ही तलवार से दूसरे पर हमला कर दिया, फिर उसका गला रेत दिया। इस वजह अब सामने अाई है। इस हत्या के पीछे प्रेम प्रकरण है। मृतक फैयाज अंजुम नाम की युवती से प्यार करता था, उसके परिवार वालों को इसकी जानकारी थी। पर अशरफ को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था, इसलिए अशरफ से फैयाज को मार डाला। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है…

ऊन पाटिया के मोहम्मदी नगर के 22 वर्षीय मोहम्मद फैयाज मंसूरी की मंगलवार की सुबह भिंडी बाजार के पास उसके दोस्त अशरफ ने गला रेतकर हत्या कर दी। फैयाज जब अपने दोस्त के साथ बातचीत कर रहा था, तभी वहां अशरफ आया। दोनों ने कुछ देर तक बात की, फिर अशरफ ने फैयाज पर तलवार से हमला कर दिया। आखिर में अशरफ ने फैयाज का गला ही रेत दिया, उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उधर अशरफ फरार हो गया।

प्रेम संबंध की जानकारी परिवार वालों को थी

फैयाज ऊन इलाके में रहने वाली अंजुम से प्यार करता था। हमवतनी और समाज की होने के कारण दोनों परिवारों में रिश्ते की बात चल रही थी। दोनों परिवार की इस पर सहमति भी हो गई। इस बीच यूपी से अशरफ अपने चाचा के यहां अहमदाबाद आया। उसे जब फैयाज और अंजुम के बारे में पता चला, तो उसने इसका विरोध किया।

मैं फैयाज को मार डालूंगा

अशरफ के विरोध किए जाने पर उसके चाचा ने उसे समझाया, विवाद न करने के लिए कहा। इस पर अशरफ ने नाराजगी जताते हुए अपने चाचा से कहा कि अंजुम नहीं, तो फैयाज को मार डालूंगा। इससे उसके चाचा ने उसे घर से बाहर भगा दिया। रात भर वह घर से बाहर रहा, सुबह फैयाज की हत्या के बाद वह फरार हो गया।

दोस्त मोबाइल निकालने के लिए जैसे ही झुका, अशरफ ने गर्दन पर चला दी तलवार
हम दोनों एक ही गाड़ी पर बैठकर भागल की तरफ निकले थे। तसलीमा नगर में एक चाय के ठेले के पास बैठे थे, जहां पर आरोपी भी हमारे साथ बैठ गया था। जब हम चलने लगे तो उसने पीछे से आवाज देकर हमको रोका। शायद वह कुछ सोच रहा था। मैंने उससे बोला कि क्या हुआ? उसने कहा, कहां जा रहे हो तो फैयाज ने कहा, भागल जा रहा हूं फिर अशरफ ने बोला कि टाइम बता क्या हुआ, जैसे ही फैयाज जेब से मोबाइल निकालने के लिए झुका वैसे ही उसने तलवार से गर्दन पर वार कर भाग गया। मैं फैयाज को उठाकर पास की क्लीनिक में ले गया, जहां डॉक्टर ने यह कहते हुए इलाज करने से मना कर दिया कि यह पुलिस केस है। जबकि 108 एंबुलेंस एक घंटे से देर से आई। अगर समय पर इलाज मिलता तो उसका दोस्त बच सकता था। वैसे मेरी अभी मृतक के साथ लगभग 3 महीने पहले ही दोस्ती हुई थी। इसलिए मुझे इस प्रेम प्रकरण के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी और ना ही मृतक ने मुझसे कभी इस बारे में कोई जिक्र किया था, लेकिन आरोपी के साथ फैयाज की कुछ ही दिनों में अच्छी मित्रता हो गई थी।

प्रेम संबंध की जानकारी परिवार वालों को थी। प्रेम संबंध की जानकारी परिवार वालों को थी।
अशरफ ने कहा भी था कि मैं फैयाज को मार डालूंगा। अशरफ ने कहा भी था कि मैं फैयाज को मार डालूंगा।