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गुजरात में गणेश उत्सव के लिए प्रतिमाओं से सजे बाजार, 10 हजार रुपए तक बिकी मूर्तियां

10 दिवसीय गणेश महोत्सव गुरुवार से शुरू, 23 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा

Danik Bhaskar | Sep 15, 2018, 12:08 PM IST

अहमदाबाद। गणेश उत्सव के लिए प्रतिमाओं से बाजार सजे रहे, गुरुवार को भी मूर्तियों की खूब बिक्री हुई। प्रदेश के सभी शहरों और गांव के बाजारों में चारों ओर गणेश प्रतिमाएं दिखाई दी। बुधवार को गणेश प्रतिमाएं खरीद कर लोग अपने-अपने दुपहिया वाहनों, कारों में ले जाते नजर आए। एक विक्रेता ने बताया कि बाजार में 351 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक गणेश मूर्तियां बिक रही हैं। मूर्तियों के दामों में वृद्धि...

मूर्तियों के दामों में वृद्धि हुई है इसलिए काफी लोग अलग-अलग जगहों पर दाम पूछ कर दाम कम करवाते दिखे। इस बार मिट्टी की मूर्तियां भी बिक रहीं हैं। ज्योतिष के जानकार दीपक पंचोली ने बताया कि 10 दिवसीय गणेश महोत्सव गणेश चतुर्थी 13 सितंबर से शुरू होगा और श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रदेशभर में 23 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। बड़ी संख्या में लोग गणेश जी की मिट्टी की प्रतिमाएं बुधवार को सुबह से ही खरीद कर अपने-अपने घरों, पंडालों में पहुंचाते रहे हैं। जहां गणेश जी की छोटी-बड़ी मूर्तियों की स्थापना गुरुवार को की जाएगी। माना जाता है कि सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत भगवान गणपति जी के पूजन से किए जाने पर समस्त काम उनकी कृपा से निर्विघ्न पूरे हो जाते हैं।

आज स्थापित होगी मूर्ति, दस दिनों तक होती रहेगी पूजा-अर्चना

शहरों के हर घर, मोहल्ला, कस्बा में गणपति भगवान की सुंदर प्रतिमा की गुरुवार को स्थापना की जाएगी और अनंत चतुर्दशी तक वातावरण में 'गणपति बप्पा मोरया' और 'गणपति आयो बाप्पा-गणपति आयो, रिद्धि-सिद्धि लायो बाप्पा रिद्धि-सिद्धि लायो, गजानन आयो-रिद्धि सिद्धि लायो' की ध्वनि गुंजायमान रहेगी। जामनगर में भोईराज मित्र मंडल द्वारा सबसे ऊंची भगवान गणपति की ईको फ्रेंडली प्रतिमा बनाई गई है।

कैदियों ने भी बनाई मूर्तियां

अहमदाबाद में साबरमती जेल के कैदियों द्वारा बनाई गई इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं को नवजीवन ट्रस्ट के कर्मा कैफे में बेचने के लिए रखी गया थी। जहां से भक्त गणपति मूर्तियों को गणेशोत्सव के लिए खरीदते हुए दिखाई दिए। उधर, अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त एके सिंह ने नौ फुट से ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमाओं को स्थापित करने पर और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी प्रतिमाओं के साबरमती नदी या अन्य किसी तालाब में विसर्जन पर रोक लगाई है।