अहमदाबाद

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पूर्व गृहमंत्री विपुल चाैधरी के सहकारी चुनाव लड़ने पर रोक

42 करोड़ रुपए वसूलने का हाईकोर्ट आदेश भी, वाघेला के नेतृत्व में बनी सरकार में विपुल चाेैधरी गृहमंत्री थे।

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:25 PM IST
कोर्ट ने विपुल चौधरी को सहकारी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट ने विपुल चौधरी को सहकारी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

अहमदाबाद। गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी और दूध सागर डेयरी के भूतपूर्व चेयरमेन विपुल चौधरी को करारा झटका दिया है। कोर्ट ने उन्हें सहकारी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा उनसे 42 करोड़ रुपए वसूलने का भी आदेश दिया है। कोर्ट ने दिया करारा झटका…

विपुल चौधरी से धारा 93 के तहत 42 करोड़ रुपए वसूलने के लिए सरकार ने कार्रवाई शुरू की थी। इसके विरोध में उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने 27-4-18 को उनकी अपील खारिज कर दी थी। इसे उन्होंने हाईकोर्ट की डबल बेंच में चुनौती दी थी। इससे कोर्ट ने विपुल चाैधरी को झटका देते हुए उनसे 42 करोड़ रुपए वसूलने के आदेश दिए।

इस कारण नहीं लड़ पाएंगे सहकारी चुनाव

विपुल चौधरी को धारा 93 के तहत दोषी पाया गया है। इससे वे किसी भी प्रकार का सहकारी चुनाव नहीं लड़ सकते। इससे उनके सहकारी क्षेत्र के भविष्य पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लग गया है।

कौन हैं विपुंल चौधरी

वर्ष 1995 में जब भाजपा में शंकर सिंह वाघेला ने बगावत की थी, तब विपुल चौधरी भी उनके साथ थे। बगावत के बाद वाघेला के नेतृत्व में बनाई गई राजपा सरकार में वे गृहमंत्री बने थे। इसके बाद वे सहकारी क्षेत्र में अपनी साख को बचाए रखने के लिए फिर से भाजपा में आ एग। इस दौरान वे गुजरात मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन और दूध सागर डेयरी के चेयरमैन बने। समय के साथ उन्हें ये दोनों पद गंवाने पड़े।

वाघेला के नेतृत्व में बनी राजपा सरकार में वे गृहमंत्री थे। वाघेला के नेतृत्व में बनी राजपा सरकार में वे गृहमंत्री थे।
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कोर्ट ने विपुल चौधरी को सहकारी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।कोर्ट ने विपुल चौधरी को सहकारी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
वाघेला के नेतृत्व में बनी राजपा सरकार में वे गृहमंत्री थे।वाघेला के नेतृत्व में बनी राजपा सरकार में वे गृहमंत्री थे।
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