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हार्दिक का वजन 20 नहीं 11 किलो घटा, गलत तरीके से वजन लेने से हुई गफलत

24 घंटे में सरकार ने नहीं की वार्ता तो फिर करेंगे-हार्दिक

Danik Bhaskar | Sep 06, 2018, 02:15 PM IST
हार्दिक पटेल हार्दिक पटेल

अहमदाबाद। पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल के आमरण अनशन के दौरान उनके वजन में 20 किलोग्राम की नहीं बल्कि 11 किलो 600 ग्राम की ही गिरावट हुई है। ऐसा वजन लेने में गफलत की वजह से हुआ। इस बीच, उन्होंने बुधवार को फिर चेतावनी दी है कि अगर सरकार अगले 24 घंटे में बातचीत के लिए उनके पास नहीं आई तो वह फिर से जल त्याग कर देंगे। आंदोलन को कमजोर करने का अारोप...

उन्होंने इससे पहले गत 30 और 31 अगस्त को अपने अनशन के छठे और सातवें दिन जल-त्याग किया था पर आठवें दिन से फिर से इसे लेना शुरू कर दिया था। उनके सहयोगी मनोज पनारा ने बुधवार शाम संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार अथवा इसके प्रतिनिधियों को अगले 24 घंटे में बातचीत के लिए हमारे पास आना होगा अगर ऐसा नहीं हुआ तो हार्दिक फिर से जल त्याग कर देंगे। उन्होंने सरकार पर हार्दिक के आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।

वजन पर डॉक्टर के विचार

उधर, सरकारी सोला सिविल अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. आजेश देसाई ने बताया कि हार्दिक का वजन अनशन के पहले दिन 25 अगस्त को 78 किलो था। वजन लेने में तकनीकी गड़बड़ी के कारण मंगलवार को 11 वें दिन उनका वजन 58 किलो 300 ग्राम दर्ज हो गया था जबकि यह बुधवार को 12 वें दिन 66 किलो 400 ग्राम था। वजन की मशीन में कोई गड़बड़ी नहीं है। वजन के दौरान खड़े होने के तरीके में गड़बड़ी के चलते ऐसा हुआ। अगर वजन के दौरान कोई व्यक्ति किसी बाहरी वस्तु को पकड़ ले तो उसका वजन कम आता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है।

डॉ. मनीषा ने की इसकी पुष्टि

वजन करने वाली डाॅ. मनीषा पांचाल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने वजन लेने में हुई गड़बड़ी के बारे में अपनी रिपोर्ट दे दी है। उन्होंने बताया कि हार्दिक ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी सरकारी डाक्टरों को जांच के लिए रक्त और मूत्र के नमूने देने से इनकार कर दिया हालांकि उनका रक्तचाप, नब्ज आदि सामान्य थे। उन्हें पहले से ही अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है। हार्दिक पटेल अनशन के दौरान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

हार्दिक का अनशन तुड़वाएं मुख्यमंत्री रुपाणी : गहलोत

कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने किसानों का कर्ज माफ करने और पाटीदार समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। गहलोत ने ट्वीट किया कि हार्दिक पटेल 25 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। उनके स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति को लेकर हम चिंतित हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री को समय गवाएं बिना इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करानी चाहिए।

सरकार को हार्दिक से बात करनी चाहिए: राजीव सातव

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजीव सातव, प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा तथा नेता प्रतिपक्ष परेश धानाणी ने बुधवार को हार्दिक से उनके ग्रीनवुड रिसाॅर्ट स्थित आवास पर मुलाकात की जहां वह बाहर अनशन की सरकारी अनुमति नहीं मिलने के बाद किसानों की कर्ज माफी, पाटीदार आरक्षण और राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार अपने साथी अल्पेश कथीरिया की रिहाई को लेकर 25 अगस्त से अनशन कर रहे हैं। राजीव सातव ने कहा कि राज्य सरकार को हार्दिक से तुरंत बात करनी चाहिए। कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी।

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