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इस स्कूल में कुंडली के आधार पर मिलता है एडमिशन

एडमिशन के लिए वेटिंग पर हैं 100 स्टूडेंट्स, हर 10 में से केवल 2 या 3 को ही मिलता है प्रवेश।

Danik Bhaskar | Jun 29, 2018, 02:22 PM IST
  • कुंडली में ही देख लिया जाता है कि पढ़ाई का योग है या नहीं।
  • कुंडली में गुरु-बुध का संबंध तय करता है एडमिशन

अहमदाबाद। साबरमती की हेमचंदाचार्य संस्कृत पाठशाला में एडमिशन के लिए किसी सर्टिफिकेट की नहीं, बल्कि कुंडली की आवश्यकता होती है। बच्चे की कुंडली का अध्ययन कर यह पता लगाया जाता है कि उसमें पढ़ाई का योग है या नहीं। दस सालों से चल रही इस स्कूल में अभी तक 500 से अधिक छात्र पढ़ाई कर चुके हैं। मैथ्स में चैंपियन…

यहां से पढ़ाई कर निकले 500 स्टूडेंट्स में से एक स्टूडेंट्स मैथ्स की इंटरनेशनल कॉम्पिटीशन वर्ल्ड चैम्पियन बन चुका है। इस समय यहां एडमिशन के लिए 100 विद्यार्थियों की वेटिंग चल रही है। इस शाला में शास्त्रों से लेकर संगीत-नृत्य, चित्रकला, नीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र के अलावा गणित, इतिहास, भूगोल और एकाउंट जैसे विषय भी पढ़ाए जाते हैं।

कुंडली में गुरु-बुध का संबंध तय करता है एडमिशन

स्कूल के संचालक अखिल शाह कहते हैं कि बच्चे की कुंडली में गुरु-बुध का संबंध शुभ होता है, तो विद्याभ्यास और शुक्र-चंद्र का शुभ संंबंध होता है, तो कला अभ्यास का सही योग माना जाता है। यहां के स्टूडेंट्स तुषार तलावटे ने मेथ्स इंटरनेशनल काम्पीटीशन में केवल 2 मिनट 3 सेकेंड में मेथ्स के 70 सवालों का जवाब देकर रिकॉर्ड बनाया था।