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जीवित है मानवता: व्यापारी ने कैंसर पीड़ित महिला के पति को जेल भेजने के बजाए केस वापस ले लिया

चेक बाउंस के मामले में दो साल से चल रहा केस वापस लेकर व्यापारी ने 11 लाख रुपए का घाटा सहा।

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 03:40 PM IST
The prosecutor pardoned the accused in the last two years in the Lok Adalat case

अहमदाबाद। आज चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ऐसे में एक व्यापारी ने चेक बाउंस के मामले में कैंसर पीड़ित महिला के पति को जेल भेजने के बजाए केस ही वापस ले लिया। इससे उसे भले ही 11 लाख रुपए का घाटा हुआ, पर उसने पति को जेल नहीं जाने दिया। लोक अदालत से मामला वापस लिया…

प्रिंटिंग और पेकेजिंग का बिजनेस करने वाले महेंद्र पटेल कलाेक तहसील के रकनपुरमें प्राइड मल्टिटेक कंपनी चलाते हैं। उनकी कंपनी में प्रकाश पटेल डायरेक्टर हैं। उनकी कंपनी से फूड एंड फ्रेब्रिक्स का धंधा करने वाले व्यापारी दिनेशभाई ने 11 लाख का माल खरीदा, इसका उसने चेक दिया। पर वह चेक रिटर्न हो गया। इस पर कंपनी ने दिेनेश भाई का ध्यान इस ओर दिलाया। इस पर दिनेश भाई ने माफी मांगते हुए दूसरा चेक दिया, यह चेक भी बैंक से वापस आ गया।

दिनेश भाई पर केस कर दिया

प्राइड मल्टिटेक कंपनी के डायरेक्टर महेंद्र पटेल ने अपने सह डायरेक्टर प्रकाश पटेल ने दिनेश भाई के खिलाफ लोक अदालत में केस कर दिया। चेक रिटर्न का यह मामला 2016 का है। इस संबंध में महेंद्र पटेल ने बताया कि केस चलने के दौरान दिनेश भाई ने मुझसे आग्रह किया कि उसके पास रुपए नहीं है, उसकी पत्नी कैंसर से ग्रस्त है। इसलिए मैं अभी रुपए नहीं दे पाऊंगा, पर भविष्य में दे दूंगा, इसका वादा करता हूं। इस पर मैंने उसकी बात मान ली।

दिनेश भाई को सजा होती, तो भी रुपए वापस नहीं मिलते

महेंद्र पटेल ने बताया कि मामला चलते रहता, इस मामले में यदि दिनेश भाई को सजा हो भी जाती, तो रुपए वापस नहीं मिलते। दिनेश भाई जेल जाने को भी तैयार थे। मुझे लगा कि कैंसरग्रस्त पत्नी का पति यदि जेल चला गया, तो फिर क्या होगा, दिनेश भाई के परिवार का? इसलिए मैंने केस वापस ले लिया। यही समझ लिया कि अब 11 लाख रुपए नहीं मिलेंगे, पर एक बीमार पत्नी के पास पति तो रहेगा।

(आराेपी का नाम बदल दिया गया है।)

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The prosecutor pardoned the accused in the last two years in the Lok Adalat case
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