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कांस्टेबल के बेटे को मिला 50 लाख रु. का पैकेज

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2019, 12:36 PM IST

आसान नहीं था यहां तक पहुंचना, पढ़ें सक्सेस स्टोरी

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वड़ोदरा/आणंद (गुजरात)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल के बेटे ने पहले ही प्रयास में 50 लाख रुपए का पैकेज हासिल कर अपने कॉलेज में इतिहास रच डाला। हरियाणा के रहने वाले छात्र को पिछले साल के मुकाबले प्लेसमेंट में 8 प्रतिशत ज्यादा सैलरी ऑफर हुई है। आइए जानते हैं पूरा मामला...

पिता कांस्टेबल और मां हाउस वाइफ

- छात्र अविनाश कंबोज मूलरूप से हरियाणा के सिरसा जिले के सालारपुर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने आणंद स्थित द इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट (आईआरएमए) से पढ़ाई की है।
- अविनाश के पिता कुलजीत सीमा सुरक्षा बल में कांस्टेबल हैं और हरियाणा में ही पोस्टेड हैं। वे क्लैरिकल काम करते हैं। जबकि मां सुनीता रानी हाउस वाइफ हैं।

पैकेज लेकर रचा इतिहास

- आईआरएमए के प्लेसमेंट के इतिहास में अविनाश को अब तक का सबसे ज्यादा 50.31 लाख रुपए का पैकेज ऑफर हुआ है। जबिक साल 2018 में सबसे ज्यादा सैलरी पैकेज 46.50 लाख रुपए था, जो हरियाणा के रहने वाले ही एक छात्र को मिला था।
- बता दें कि पिछले साल एग्री-बिजनेस ऑपरेशन्स वाली भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी ने अफ्रीका में अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए सबसे ज्यादा सैलरी पैकेज ऑफर किया था। इस कंपनी का हेडक्वार्टर सिंगापुर में है।
- आईआरएमए इंस्टिट्यूट की स्थापना भारत में सफेद क्रांति के जनक कहे जाने वाले स्व. डॉक्टर वर्गीज कुरियन ने 1979 में की थी। इसका मकसद यहां रूरल मैनेजर्स को ग्रूम करना था।

ये है आगे की प्लानिंग

- अविनाश बताते हैं कि उन्होंने अपनी स्कूलिंग सिरसा में ही पूरी की है। इसके बाद हिसार में चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने के बाद आईआरएमए में दाखिला लिया था।
- अविनाश का कहना है कि यहां तक पहुंचना मेरे लिए आसान नहीं था। काफी मुश्किलें आईं। उनका कहना है कि वे 3-4 साल इस इंडस्ट्री में एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं। इसके बाद वे अपनी कंपनी बनाने की प्लानिंग करेंगे।

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