सूरत / हेरिटेज घोषित होंगे 2965 घर; मालिक मर्जी से एक ईंट भी नहीं लगा सकेंगे, मनपा चाहे तो कब्जा भी कर सकेगी



ऐसी इमारतों को हेरिटेज घोषित करने के लिए मनपा 10 साल से तैयारी कर रही है। अब 2900 इमारतों की लिस्ट बना ली है। ऐसी इमारतों को हेरिटेज घोषित करने के लिए मनपा 10 साल से तैयारी कर रही है। अब 2900 इमारतों की लिस्ट बना ली है।
मनपा अधिकारी का कहना है कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को सरंक्षित किया जा सके, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। मनपा अधिकारी का कहना है कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को सरंक्षित किया जा सके, इसलिए ऐसा किया जा रहा है।
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ऐसी इमारतों को हेरिटेज घोषित करने के लिए मनपा 10 साल से तैयारी कर रही है। अब 2900 इमारतों की लिस्ट बना ली है।ऐसी इमारतों को हेरिटेज घोषित करने के लिए मनपा 10 साल से तैयारी कर रही है। अब 2900 इमारतों की लिस्ट बना ली है।
मनपा अधिकारी का कहना है कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को सरंक्षित किया जा सके, इसलिए ऐसा किया जा रहा है।मनपा अधिकारी का कहना है कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को सरंक्षित किया जा सके, इसलिए ऐसा किया जा रहा है।

  • सेंट्रल-रांदेर जोन की ऐतिहासिक इमारतों को हथियाने की तैयारी में मनपा
  • नियम-कानून किए तैयार, इसी सप्ताह राज्य सरकार के पास अनुमति को भेजेगी

Dainik Bhaskar

Sep 06, 2019, 11:41 AM IST

सूरत (गौरव तिवारी). शहर के इतिहास को बचाने के नाम पर मनपा सेंट्रल और रांदेर जोन के लगभग 2965 घरों को हथियाने की तैयारी कर रही है। इन घरों को हेरिटेज घोषित करने के लिए नियम-कानून बना दिए गए हैं। ये नियम राज्य सरकार के पास संशोधन के लिए इसी सप्ताह भेजे जाएंगे। एक बार इन घरों को हेरिटेज घोषित कर दिया जाएगा तो घर का मालिक अपनी मर्जी से एक ईंट भी नहीं लगा पाएगा।

 

किसी भी तरह के बदलाव करने के लिए मनपा से इजाजत लेनी होगी। यही नहीं मनपा जब चाहेगी इन घरों को अपने कब्जे में ले लेगी। अगर मकान जर्जर हो जाता है तो मनपा की कोर कमेटी की इजाजत से ही मरम्मत संभव होगी। इसमें भी सिर्फ अंदरूनी बदलाव ही किया जा सकेगा। मालिक अगर मरम्मत करने में सक्षम नहीं है तो घर को दूसरे किसी व्यक्ति को दिया जा सकेगा। मनपा भी इसे लेकर जीर्णोद्धार कर सकेगी।

 

जीडीसीआर में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू
इन सैकड़ों वर्ष पुराने 2965 घरों के लिए मनपा ने अलग से नियम तैयार कर चुकी है। इस काम में मनपा पिछले 10 वर्षों से लगी हुई है। इस नियम में संशोधन के लिए इसी सप्ताह राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। बाद में इसे नए जीडीसीआर (गुजरात डेवलेपमेंट कंट्रोल रेग्युलेशन) में शामिल करने के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।

 

2008-09 से सेंट्रल और रांदेर जोन के घरों का सर्वे कर रही थी मनपा
2008-09 में मनपा की तरफ से शहर के सेंट्रल और रांदेर जोन में स्थित पुरानी इमारतों के सर्वे का काम शुरू किया गया था। इसमें कुल 5 हजार से भी ज्यादा घरों का सर्वे किया गया। 2017 तक 2965 इमारतों को हेरिटेज के रूप में चुन लिया गया। इनमें से करीब 2398 इमारतें सेंट्रल जोन, जबकि बाकी की रांदेर जोन की हैं। सेंट्रल जोन में कुल 4451 घरों का सर्वे किया गया था, जिनमें से 2398 को चिन्हित किया गया है।

 

100 से 200 वर्ष से ज्यादा पुराने घरों को किया शामिल
मनपा ने घरों को तीन भाग में बांटा है। इनमें पहले 50 से 100 वर्ष पुराने, दूसरे 100 से 200 पुराने और तीसरे 200 वर्ष से ज्यादा पुराने घर हैं। इन्हें दो कैटेगरी रांदेर और सेंट्रल जोन में विभाजित किया गया है। रांदेर के घरों की नक्काशी बेहतरीन है। यहां की इमारतों में सीमेंट और पत्थर का इस्तेमाल ज्यादा किया गया है। सेंट्रल जोन की इमारतों में लकड़ी का इस्तेमाल ज्यादा किया गया है।

 

रांदेर जोन के इन क्षेत्रों में घरों का किया गया सर्वे 
सर्वे में रांदेर के अलावा नानपुरा, संग्रामपुरा, सलाबतपुरा, बेगमपुरा, हरीपुरा, महीधरपुरा, रामपुरा, गोपीपुरा, वाड़ी फलिया, सोनी फलिया, नानवट, सैयदपुरा शामिल हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पुराने मकान गोपीपुरा, वाली फलिया,सोनीफलिया, नानावट और सैयदपुरा है। यहां सब जगहों पर करीब 250 से ज्यादा घर ऐतिहासिक महत्व के हैं।

 

लोगों को घरों का संरक्षण खुद करना पड़ेगा

मनपा के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कुछ मकान सैकड़ों साल पुराने हैं। इनको संरक्षित किया जाएगा। ये सभी शहर की ऐतिहासिक धरोहर हैं। इन सभी घरों के मालिकों को उसे बचाए रखने के लिए कहा जाएगा। अगर वे ऐसा करने में असमर्थ होंगे तो समर्थ व्यक्ति को दिया जाएगा, जो उसका रखरखाव और मरम्मत कर सके। इसके बदले में मकान के मालिक को कीमत चुका दी जाएगी। इन सभी इमारतों को फिर से पहले जैसा करने की तैयारी की जा रही है।

 

शहर के इतिहास को बचाने के लिए है यह तैयारी
घरों को लेने के बदले संपत्ति के मालिकों को किस प्रकार की आर्थिक सहायता दी जाएगी, इसके लिए बॉय लॉ बनाया है। हम शहर के इतिहास को बचाने के लिए यह नियम लाने की तैयारी कर रहे हैं। - सी वाय भट्ट, प्रमुख, हेरिटेज विभाग मनपा

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