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गांधीनगर. गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए शुक्रवार को सत्तारूढ़ भाजपा के 3 और कांग्रेस के 2 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसके साथ ही आगामी 26 मार्च को होने वाले एक और रोमांचक राज्यसभा चुनाव का रास्ता साफ हो गया। शुक्रवार को नामांकन का अंतिम दिन था।
भाजपा के तीसरे प्रत्याशी की घोषणा से चुनाव रोचक
अब तक इन चार सीटों में से तीन भाजपा तथा एक कांग्रेस के पास है, पर पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सदन के बदले अंकगणित और कांग्रेस की बढ़ी हुई संख्या के चलते शुरुआत में दोनों पार्टियों ने दो-दो प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी पर भाजपा ने शुक्रवार सुबह तीसरे प्रत्याशी के नाम की भी घोषणा कर चुनाव को बेहद रोचक बना दिया। भाजपा ने पहले रमीला बारा और अभय भारद्वाज को अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन शुक्रवार सुबह राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री नरहरि अमीन को अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित कर दिया। नरहरि अमीन पाटीदार समुदाय के हैं और पहले कांग्रेस में थे। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी और राज्य के मंत्री तथा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल को उम्मीदवार बनाया है। अगर क्रास वोटिंग नहीं हुई, तो दोनों दलों को दो-दो सीटें ही मिलेंगी। 182 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के 103 और कांग्रेस के 72 विधायक हैं।
कांग्रेस की गुटबंदी का लाभ भाजपा को
वरिष्ठ भाजपा नेता तथा उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस की गुटबंदी और पाटीदार उम्मीदवार नहीं देने के चलते पैदा हुए असंतोष का लाभ भाजपा को मिलेगा। पार्टी तीनों सीटें जीतेगी। दूसरी ओर सोलंकी ने कहा कि भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी।
भाजपा करा सकती है क्रॉस वोटिंग
विस में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए इस चुनाव में भाजपा एक सीट खो सकती है, जिससे इस सीट बचाने के लिए भाजपा लगातार व्यूहरचना बदल रही है। 2017 के राज्यसभा चुनाव के बाद इस चुनाव में खींचतान होने से प्रदेश की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल की संभावना है।
4 सीटों का यह है गणित
चारों सीटों पर एक साथ चुनाव होने हैं। हर उम्मीदवार को एक समान प्रेफरेंस वोट चाहिए। फॉर्मूला यह है कि जितनी सीट पर चुनाव होता है, उसमें एक जोड़कर उस संख्या को कुल विधायकों की संख्या के साथ भाग दिया जाता है। इसके बाद जो पूर्णांक आता है, उसमें एक जोड़ने पर जो संख्या आती है, उतने मत एक उम्मीदवार को जीत के लिए चाहिए होते हैं। 4 सीटें है एक जोड़ने पर 5 होते हैं और वर्तमान में विधायकों की संख्या 179 है। इनमें भाजपा के 103, कांग्रेस के 72, बीपीटी-2, एनसीपी-1, निर्दलीय-1 और 3 सीट खाली हैं। जिससे पांच से भाग देने पर भागफल 35.8 आता है जिसे पूर्णांक 37 माना जाएगा। इसलिए उम्मीदवार को जीत के लिए 37 चाहिए। भाजपा को तीन सीटों के लिए 111 विधायकों की जरूरत है, जबकि उसके पास 103 है। कांग्रेस को जीत के लिए 74 चाहिए है और उसके पास हैं 72। दो सीटों की भरपाई निर्दलीय और बीटीपी के दो सदस्य से मिल सकते हैं।
पूर्व मंत्री सहित भाजपा के तीन डमी उम्मीदवारों ने फार्म भरे
राज्यसभा के चुनाव में भाजपा के तीन उम्मीदवारों के समर्थन में पूर्व मंत्री किरीट सिंह राणा, अहमदाबाद के पूर्व मेयर अमित शाह और अहमदाबाद के पूर्व डिप्टी मेयर दिनेश मकवाणा ने डमी उम्मीदवार के रूप में फार्म भरा था।
अमीन के बाद कांग्रेस के उम्मीदवारों ने भरे फार्म
भाजपा- कांग्रेस के पांचों उम्मीदवारों को विजय मुहूर्त में फार्म भरना था। लेकिन नहीं भर सके। अमीन को फार्म देरी से भरने पर भाजपा के दो उम्मीदवार अभय भारद्वाज और रमीलाबेन बारा विजय मुहूर्त से चूक गए। कांग्रेस के उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी ने भाजपा के उम्मीदवारों से पहले दोपहर 1.40 बजे फार्म भरकर बाहर आए। बाद में 1.56 बजे भाजपा उम्मीदवार फार्म भरने पहुंचे। तीनों उम्मीदवारों की उम्मीदवारी के समय मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष मौजूद थे।
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