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“राज”नीति / 2010 में शाह ने कहा था-यह षड्यंत्र है, 2019 में चिदम्बरम ने कहा-पेथालाजिकल लायर



धरपकड़ के बाद 2010 में अमित शाह और पी.चिदम्बरम की तस्वीर धरपकड़ के बाद 2010 में अमित शाह और पी.चिदम्बरम की तस्वीर
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धरपकड़ के बाद 2010 में अमित शाह और पी.चिदम्बरम की तस्वीरधरपकड़ के बाद 2010 में अमित शाह और पी.चिदम्बरम की तस्वीर

  • सीबीआई की धरपकड़ के पहले अमित शाह और चिदम्बरम पार्टी कार्यालय पहुंचे थे
  • शाह चौथे दिन, तो चिदम्बरम की 28 घंटे में धरपकड़ हुई

Dainik Bhaskar

Aug 24, 2019, 12:01 PM IST

अहमदाबाद. अमित शाह और पी. चिदम्बरम दोनों के गृहमंत्री पद और जेल यात्रा के संयोग या बदला? यह चर्चा पूरे देश में चल रही है। ऐसे में 2010 अमित शाह की धरपकड़ और 2019 में चिदम्बरम की धरपकड़ के बाद घटनाक्रम के साथ शाह-चिदम्बरम दोनों ने ही धरपकड़ के पहले अपनी पार्टी के कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया था। इस दौरान अमित शाह ने अपनी गिरफ्तारी को षड्यंत्र निरूपित किया था, तो चिदम्बरम ने इसे झूठों का पेथॉलॉजिकल लायर बताया।


मुझे आजादी पसंद है
वर्ष 2010 में अमित शाह के खिलाफ सीबीआई ने समंस भेजने के चार दिन बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। जबकि पी. चिदम्बरम को समंस के 28 घंटे बाद गिरफ्तार किया गया। इसके पहले चिदम्बरम ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है। कानून की सबसे पवित्र धारा 21 है, जो जीवन और स्वतंत्रता की गारंटी देती है। जीवन और स्वतंत्रता में मुझे किसी को पसंद करने को कहा जाएगा, तो मैं निश्चित रूप से आजादी को ही पसंद करूंगा।


चिंता मत करो, मैं भारी पड़ूंगा-शाह
दूसरी तरफ 2010 में गिरफ्तारी के पहले आयोजित पत्रकार वार्ता में अमित शाह ने कहा था कि मैं किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से नहीं डरता। चिंता मत करो, मैं उन पर भारी पड़ूंगा। कांग्रेस राज्य की प्रगति और विकास को पचा नहीं पा रही है, इसलिए नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है।


सीबीआई ने शाह की रिमांड नहीं मांगी थी
सीबीअइार् ने अचानक 22 जुलाई 2010 को अमित शाह को समंस भेजकर सभी को अचरज में डाल दिया था। गिरफ्तारी के डर से शाह दो-दो समंस के बाद भी सीबीआई के सामने हाजिर नहीं हुए। तब शाह का यह लगा था कि सीबीआई उन्हें तीसरा समंस भेजेगी, तो उन्हें अग्रिम जमानत लेने का अवसर मिल जाएगा। परंतु 25 जुलाई को सीबीआई ने पल भर की देर किए बगैर अमित शाह को कार्यालय की सीढ़ियों से ही पकड़कर कोर्ट ले गई और रिमांड की भी मांग नहीं की।


फिर शाह को साबरमती जेल भेज दिया गया 
अमित शाह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उन्हें अहमदाबाद ले गई थी। जहां उन्हें सीबीआई मजिस्ट्रेट ए.वाय.दवे के सामने पेश किया। तब मजिस्ट्रेट के बंगले के कम्पाउंड में ही कोर्ट लगाई गई। इसके बाद शाह को 14 दिन तक ज्युडिशियल कस्टडी में रखने का आदेश दिया। कोर्ट का कस्टडी में भेजने के आदेश के बाद शाह को अहमदाबाद की साबरमती जेल ले जाया गया था।

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