--Advertisement--

शर्मनाक / सूरत की 'सूरत' बिगाड़ने की साजिश



डंडे लेकर जाते हुए हमलावर कैमरे मेें कैद डंडे लेकर जाते हुए हमलावर कैमरे मेें कैद
तोड़ दिया दरवाजा तोड़ दिया दरवाजा
12 हमलावरों को हिरासत में लिया गया। 12 हमलावरों को हिरासत में लिया गया।
X
डंडे लेकर जाते हुए हमलावर कैमरे मेें कैदडंडे लेकर जाते हुए हमलावर कैमरे मेें कैद
तोड़ दिया दरवाजातोड़ दिया दरवाजा
12 हमलावरों को हिरासत में लिया गया।12 हमलावरों को हिरासत में लिया गया।

  • घटनाओं को गैर गुजरातियों से जोड़ने की अफवाह पर सक्रिय हुई पुलिस
  • दर्जनभर राज्यों और भाषाओं को समेटे है हमारा शहर 
     

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 01:41 PM IST

 

सूरत. सचिन जीआईडीसी में शिव शक्तिनगर की रामेश्वर कॉलोनी में गुरुवार रात 12.30 कुछ लोग अचानक घुस गए और वहां रह रहे लोगों से मारपीट कर उन्हें सूरत से जाने के लिए कह दिया। हालांकि पुलिस ने बताया कि मामला दो लोगों के बीच के झगड़े का है। 


कार्रवाई होगी: तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में लगभग सभी श्रमिक परप्रांती हैं। 900 से ज्यादा कारीगर रहते हैं। शुक्रवार को कोई भी कारीगर काम पर नहीं गया तो कामरान नामक कांट्रेक्टर उनके घर गया, जहां उसे मामले का पता चला। कामरान ने बताया कि लोग इस हमले से कारीगर काफी डरे हुए थे। इसके बाद उसने कलेक्टर को इसकी सूचना दी और कलेक्टर ने पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा को सूचना दी। 


सूरत बिगाड़ने की साजिश: सूरत के कुछ इलाकों में उसकी समंदर सी सीरत बिगाड़ने की कोशिश के शुक्रवार को दो मामले सामने आए। हालांकि दोनों ही मामलों में पुलिस की सक्रियता और लोगों की समझदारी ने शहर की सबको अपने में समेट लेने वाली सदियों पुरानी संस्कृति को बनाए रखा। पहले मामले में डिंडोली में एक सोसायटी में गैर गुजरातियों को मकान न देने का बैनर लगाया गया, जिसे कुछ देर बाद ही हटा लिया गया। वहीं, सचिन में लूट और छेड़छाड़ की कोशिश को लेकर हुई मारपीट को गैर गुजरातियों का रंग देने की कोशिश की गई। 


विवाद के बाद की मारपीट: परप्रांतियों का रंग देने की कोशिश: वहां रह रहे सुरेश ने बताया कि रात को अचानक आए लोग जबरदस्ती हमको घर से निकालकर मारने लगे। जब तक पुलिस आई, तब तक वो लोग यहीं थे, लेकिन कोई पकड़ा नहीं गया। पुलिस ने शुक्रवार शाम पूरा मामला दर्ज करवाया। 

 

घर-घर जाकर दरवाजा पीटा:वहीं के योगेंद्र सिंह ने बताया कि 50-60 बाइक और एक कार में लोग कॉलोनी में आए और एक-एक घर में जाकर दरवाजे पीटा। दरवाजा खोलते ही मारपीट की। उन लोगों ने सभी को अगले दिन सूरत से जाने के लिए कह दिया। 

 

परप्रांतियों पर रोक का बैनर हटवाया: डिंडोली क्षेत्र की शां‍ति विला सोसाइटी के मुख्य गेट पर लगे बैनर की खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। डिंडोली क्षेत्र में स्थित शांति विला सोसाइटी के बाहर गेट पर लगे बैनर में साफ लिखा था कि यहां पर प्रांतियों को न तो मकान बेचा जाएगा और न किराए पर दिया जाएगा। बैनर पर यह भी अंकित था कि यह सूचना सोसाइटी की कमेटी की तरफ से लगाई गई है। इतना ही नहीं बैनर में गैर गुजराती व्यक्ति को सोसायटी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की सूचना भी थी। सोसाइटी में कुल 120 मकान हैं, जिन्हें यह सूचना दी गई है। जबकि, डिंडोली इलाके में 70 प्रतिशत गैर गुजराती रहते हैं। 
क्या कहते हैं सोसायटी के अध्यक्ष: सोसायटी के प्रमुख मनोज पटेल ने बताया कि पर प्रांतियों को लेकर ऐसी कोई बात नहीं है। बैनर की प्रिंटिंग में कोई गलती हुई है। हमारी सोसाइटी में कई परप्रांती परिवार रहते हैं, लेकिन किसी के साथ कोई बैर नहीं है। बैनर उतार दिया गया है और ऐसा कोई काम नहीं किया जाएगा, जिससे शहर का माहौल बिगड़े। 


गरबा खेलकर लौटते हुए झगड़ा हुआ था: गाभेणी से नवरात्रि खेलकर लौटते हुए झगड़ा हुआ था। इसके बाद युवक को ढूंढने वो लोग पहुंचे, लेकिन वो मिला नहीं और काफी हंगामा हो गया था। दोनों तरफ से सुलह हो गई है और गैर गुजरातियों जैसी बात नहीं है। डिंडोली में जो बैनर लगा था उसे हटवाकर चेतावनी दी है कि आगे ऐसा हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। -सतीश शर्मा, पुलिस आयुक्त 


यह सूचना लिखी थी 
1. इस सोसायटी में गुजराती के अलावा अन्य किसी भी व्यक्ति को किराए/बिक्री पर मकान का लेनदेन न किया जाए। 
2. सोसायटी में सिर्फ गुजराती लोगों को प्रवेश मिलेगा। 
3- किराए और बिक्री की जानकारी प्रमुख को देनी होगी। 


 

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..