तक्षशिला अग्निकांड / आरोपी कीर्ति मोढ, संजय आचार्य और दीपक नायक को जमानत

तक्षशिला अग्निकांड में जमानत प्राप्त करने वाले बाएं से कीर्ति मोढ़, संजय आचार्य और दीपक नायक तक्षशिला अग्निकांड में जमानत प्राप्त करने वाले बाएं से कीर्ति मोढ़, संजय आचार्य और दीपक नायक
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तक्षशिला अग्निकांड में जमानत प्राप्त करने वाले बाएं से कीर्ति मोढ़, संजय आचार्य और दीपक नायकतक्षशिला अग्निकांड में जमानत प्राप्त करने वाले बाएं से कीर्ति मोढ़, संजय आचार्य और दीपक नायक

  • तीन अधिकारियों की याचिका पेंडिंग
  • याचिका पर 6 दिसंबर को फैसला

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 12:39 PM IST

सूरत. हाईकोर्ट ने मंगलवार को तक्षशिला अग्निकांड के छह आरोपियों में से तीन को जमानत दे दी है। कोर्ट ने फायर अधिकारी कीर्ति मोड, संजय आचार्य और डीजीवीसीएल के दीपक नायक की जमानत याचिका सशर्त मंजूर की है। इन आरोपियों को एक साल तक हर माह की 1 से 10 तारीख तक निकट के पुलिस थाने में हाजिरी देनी होगी।
 

तीन अधिकारियों की याचिका पेंडिंग
मनपा अधिकारी पराग मुंशी, बिल्डर हर्षुल वेकरिया और रविंद्र कहार की याचिका पर फैसला पेंडिंग रखा है। इन तीनों आरोपियों की याचिका पर अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी। तक्षशिला अग्निकांड में 22 विद्यार्थियों की मौत हो गई थी। आग से बचने के लिए कई विद्यार्थी चौथी मंजिल से नीचे कूद गए थे, जबकि कई आग की चपेट में आ गए थे। इस केस में क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें छह आरोपी कीर्ति मोड, संजय आचार्य, पराग मुंशी, हर्षुल वेकरिया और रविंद्र कहार ने सेशन कोर्ट में जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी।
 

इन तीनों अधिकारियों की यह थी भूमिका
संजय आचार्य
पालिका के डिप्टी चीफ ऑफिसर ने दायित्व में लापरवाही दिखाई थी। तक्षशिला आर्केड आरोपी के कार्यक्षेत्र में था। आग लगने की घटनाओं से बचाव के संसाधन और व्यवस्था है या नहीं ? यह देखने की जिम्मेदारी आरोपी की थी।
कीर्ति मोड
फायर ऑफिसर घटना के समय पर जगह पर पहुंचे तो थे, लेकिन पर्याप्त तैयारी और साधनों के बिना ही पहुंचे थे। उसके बाद भी तत्काल पर्याप्त साधन एकत्रित नहीं कर पाए।
दीपक नायक
आरोपी डीजीवीसीएल अधिकारी है। आर्केड में अवैध विद्युत कनेक्शन की जांच नहीं की गई थी। जहां आग लगी वहां बिजली का अवैध कनेक्शन था।
 

जमानत देते हुए हाई कोर्ट ने रखी ये शर्तें
आरोपियों की ओर से हाई कोर्ट में केतन रेशमवाला और राजेश ठाकरिया ने दलीलें दी थी। दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को 10-10 हजार के मुचलके पर मुक्त करने करने के आदेश दिए और शर्त रखी। जिसमें पासपोर्ट जमा कराने और बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ने और 12 महीने तक हर माह 1 से 10 तारीख तक निकट के पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी रहेगी।

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