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भ्रष्टाचार / सूरत की ज्ञानगंगा स्कूल सील: 400 बच्चों का भविष्य खतरे में



ऐसी जगह पर है ज्ञानगंगा स्कूल ऐसी जगह पर है ज्ञानगंगा स्कूल
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ऐसी जगह पर है ज्ञानगंगा स्कूलऐसी जगह पर है ज्ञानगंगा स्कूल

  • प्रिंसिपल: 10 साल से आ रहे अफसर, तब नहीं दिखी कमी 
  • डीईओ: पता नहीं मान्यता किस आधार पर दी, अब रद्द करेंगे 
  • बच्चों की जान से भी ऊपर भ्रष्टाचार 

Dainik Bhaskar

Jun 27, 2019, 01:41 PM IST

सूरत. भटार की ज्ञानगंगा स्कूल में फायर की सुविधा नहीं होने की वजह से मंगलवार को हुई आग की घटना के बाद फायर विभाग ने नोटिस देकर तुरंत स्कूल को सील कर दिया। अब स्कूल में पढ़ने वाले 400 बच्चों का भविष्य खतरे में आ गया है। अभी स्कूल प्रशासन लगातार जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के चक्कर काट रहा है, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक हाल में स्कूल के पास जरूरी सुविधा नहीं होने की वजह से स्कूल को खोला जाना संभव नहीं है। 


जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं
वहीं दूसरी तरफ शॉपिंग सेंटर में स्कूल कैसे खुली और इसका जिम्मेदार कौन है, इसकी कोई जानकारी किसी को नहीं है। सारे अधिकारी जांच की बात कहकर मामले पर जवाब देने से कतरा रहे हैं। भटार स्थित ज्ञानगंगा हिन्दी माध्यम स्कूल के नीचे शार्ट सर्किट की वजह से लगी आग के बाद बच्चों को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची फायर की टीम ने देखा कि स्कूल के पास फायर की कोई सुविधा नहीं है। जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारी प्रकाश पटेल ने स्कूल को सील कर दिया और स्कूल बंद हो गई। अब स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लगभग 400 से ज्यादा बच्चों का भविष्य खराब होने की कगार पर है। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल बंद रखने के लिए कहा है। 


आग लगी तो सामने आई सच्चाई
मान्यता किसी और जगह की मिली, चल रही थी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकान में शॉपिंग कॉम्पलेक्स की पहली मंजिल पर एक दुकान में चल रही थी 400 बच्चों की ज्ञानगंगा स्कूल। एक महीने तक चले अभियान में भी नहीं दिखी अफसरों को यह स्कूल। 


प्रिंसिपल : पहले किसी ने कुछ नहीं कहा, अब बंद कर दिया 
स्कूल के प्रिंसिपल विनय सिंह के मुताबिक स्कूल को 10 सालों से इसी जगह पर चलाया जा रहा है और जिला शिक्षा कार्यालय के सभी अधिकारी यहां आते थे। तब कोई बात नहीं की और अब स्कूल नहीं खुलने दे रहे हैं। अब हम इतने बच्चे लेकर कहां जाएं। अगर स्कूल नहीं खुली तो बच्चों की पढ़ाई खराब होगी। 


शिक्षा नियामक: जांचेंगे स्कूल कैसे खुली, मान्यता रद्द करेंगे 
शिक्षा अधिकारी एचएच राजगुरु ने कहा कि स्कूल के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर प्राथमिक शिक्षा नियामक को भेजी जाएगी और स्कूल की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव किया जाएगा। शिक्षा नियामक एमआई जोशी के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी को यह जांचने का आदेश दिया है कि स्कूल कैसे खुली। इसके बाद देखेंगे क्या करना है। 


शिक्षा अधिकारियों को कुछ पता ही नहीं 
शहर में बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही स्कूलों पर मेहरबान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह भी नहीं पता कि स्कूल को मान्यता किस आधार पर मिली। जिला शिक्षा अधिकारी की टीम के सदस्य जांच के लिए सुबह 9 बजे स्कूल पहुंचे। 


स्कूल तभी खुलेगी, जब… 
फायर विभाग के अधिकारी प्रकाश पटेल बोले कि स्कूल अब तभी खुलेगी, जब सारी सुविधा फायर विभाग के हिसाब से होगी, क्योंकि स्कूल के पास एनओसी नहीं थी और फायर की कोई सुविधा नहीं है। 


किराए की बिल्डिंग में कहीं और मिली थी मान्यता
वर्ष 2002 में ज्ञानगंगा स्कूल की शुरूआत हुई थी। जिसके बाद स्कूल की पुरानी जगह किराए की होने की वजह से स्कूल की जगह बदलकर भटार में शिफ्ट कर दिया गया। स्कूल को दुकान में चलाया जा रहा था। लगातार 10 वर्षों से स्कूल जिस जगह चलाई जा रही थी, उस जगह लगातार जिला शिक्षा अधिकारी के अधिकारियों का आना-जाना था। लेकिन, स्कूल को कभी न तो नोटिस दिया गया और न ही स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा कार्यालय का कोई अधिकारी इसके लिए अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।

 
स्कूलों की रिपोर्ट आज तक नहीं हुई तैयार 
शिक्षा विभाग ने तक्षशिला कांड के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर आदेश दिया था कि शॉपिंग सेंटर में चलने वाली स्कूलों की लिस्ट तैयार की जाए और इसकी रिपोर्ट सौंपी जाए। जिसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी एचएच राजगुरु ने टीम बनाई थी और रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा था। उसके बावजूद अब तक स्कूलों की रिपोर्ट तैयार नहीं की जा सकी। 

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