• Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • Brain dead youth organ donate and give six to new life, heart reached in 70 minute from surat to mumbai 269 KM distance

सराहनीय / ब्रेनडेड युवक के अंगदान से 6 लोगों को मिली नई जिंदगी

युवक के  अंगों को ले जाते हुए परिजन और  अस्पताल के कर्मचारी युवक के अंगों को ले जाते हुए परिजन और अस्पताल के कर्मचारी
X
युवक के  अंगों को ले जाते हुए परिजन और  अस्पताल के कर्मचारीयुवक के अंगों को ले जाते हुए परिजन और अस्पताल के कर्मचारी

  • 269 किमी दूरी 70 मिनट में तय की
  • मुंबई में 40 साल की महिला को हृदय ट्रांसप्लांट किया
  • ब्रेनडेड युवक का हृदय, किडनी, लीवर और नेत्र का दान किया 
  • बीआरटीएस बस की चपेट में आ गया था

दैनिक भास्कर

Nov 04, 2019, 12:07 PM IST

सूरत. पिपलोद के लालभाई कॉन्ट्रेक्टर स्टेडियम के पास 29 अक्टूबर को रोड क्रास करते समय बीआरटीएस बस की चपेट में आए युवक को 1 नवंबर को डॉक्टरों ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया। परिजनों द्वारा 22 वर्षीय युवक के अंगदान करने से 6 लोगों को नई जिंदगी मिली। युवक का हृदय मुंबई में 40 वर्षीय महिला को ट्रांसप्लांट किया गया। हृदय को मुंबई ले जाने के लिए 269 किमी की दूसरी मात्र 70 मिनट में तय की गई। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
 

सिर में गंभीर चोट के कारण ब्रेनडेड
पिपलोद स्थित श्रीराम विला निवासी सूरज बाबूभाई बहेरा (22) 29 अक्टूबर को लालभाई कॉन्ट्रेक्टर स्टेडियम के पास रास्ता क्रास कर रहा था, तभी बीआरटीएस बस ने चपेट में ले लिया। गंभीर चोट लगने के कारण उसे बेहोशी की हालत में निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच करने पर बताया कि दिमाग में रक्त जम जाने से सूजन आ गई थी। 1 नवंबर को सूरज को ब्रेनडेड घोषित किया गया था।
 

एयरपोर्ट तक बनाया ग्रीन कॉरिडोर 
 दान किए गए अंगों में से हृदय को मुंबई भेजा गया था। सूरत से ग्रीन कॉरिडोर में एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से मुंबई और मुंबई एयरपोर्ट से ग्रीन कॉरिडोर में अस्पताल में पहुंचाया था। सूरत से यह 24वां हृदय दान किया गया था और 269 किमी की दूरी मात्र 70 किमी में कर हृदय को मुंबई का अस्पताल पहुंचाया। हृदय 40 वर्षीय महिला का ट्रांसप्लांट किया गया था।
 

परिजनों ने किया अंगों का दान
 युवक के ब्रेनडेड घोषित करने पर डोनेट लाइफ की टीम अस्पताल पहुंची और परिजनों को अंगदान के बारे में समझाया। परिजनों ने बताया कि हम सामान्य परिवार के हैं। जीवन में कभी कोई चीज- वस्तु दान नहीं की। हमारा बेटा ब्रेनडेड है और उसकी मृत्यु निश्चित ही है। ऐसे में अंगदान कर हमारा बेटा पांच से सात लोगों में जीवित रहेगा। परिवार की सहमति पर हृदय, किडनी, लीवर और नेत्रदान किया गया।
 

अंगदान से 709 लोगों को मिली नई जिंदगी और आखों की रोशनी
सूरत से अब तक 24 हृदय दान किए गए हैं। जिसमें से 18 मुंबई, 3 अहमदाबाद, 1 चेन्नई, 1 इंदौर और 1 नई दिल्ली भेजा गया था। सूरत और दक्षिण गुजरात से 347 किडनी, 139 लीवर, 7 पेंक्रियाज, 24 हृदय, 4 फेफड़े और 252 नेत्र दान मिले हैं। इनसे 709 लोगों को नई जिंदगी और आंखों की रोशनी मिली है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना