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सूरत. गुजरात में सूरत के हीराबाग इलाके की ब्रेनडेड 7वीं में पढ़ने वाली 12 साल की एशा की किडनी, लीवर को ग्रीन कॉरीडोर कर सूरत से अहमदाबाद ले जाया गया। सूरत के वीनस अस्पताल से अहमदाबाद तक 260 किमी कॉरीडोर बनाया गया। सूरत से किडनी के लिए पहली बार 7 ग्रामीण और शहर पुलिस थानों की मदद से 260 किमी ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और 2.55 घंटे में 260 की दूरी तय कर दोनों अंग अहमदाबाद पहुंचाए गए। अहमदाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसीज एंड रिसर्च सेंटर में एशा के अंग तीन लोगों में ट्रांसप्लांट किए गए।
एशा के ब्रेनडेड की खबर मिलने पर डोनेट लाइफ की टीम ने एशा के पिता भरतभाई, माता संगीताबेन, ताऊ रसिकभाई सहित घर के अन्य सदस्यों को अंगदान के बारे में समझाया। परिवार वालों की सहमति मिलते ही स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन के कन्वीनर डॉ. प्रांजल मोदी ने अहमदाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसीज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) की मदद से किडनी और लीवर का दान स्वीकार किया। जबकि नेत्र का दान लोकदृष्टि चक्षु बैंक ने स्वीकार किया। फ्लाइट में खराबी की वजह से एशा का परिवार उसके हृदय को दान नहीं कर सका, जिसका उन्हें अफसोस है।
चौथी मंजिल से गिरने से सिर में हुआ था फ्रैक्चर
भरतभाई मांगुकिया की 12 साल की एशा 9 मार्च को स्कूल से आने के बाद सहेलियों के साथ खेल रही थी। करीब 6:15 बजे अचानक नीचे गिर गई। बेहोशी की हालत में पीपी सवाणी अस्पताल ले गए। जहां सीटी स्कैन में दिमाग में फैक्चर और सूजन का इलाज किया गया। बाद में एशा को वीनस अस्पताल में न्यूरो सर्जन डॉ. धवल पटेल के पास ले गए, जहां उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया।
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