हरेश रवानी आत्महत्या / उधार वसूलने के लिए मिल रही थी धमकी, एक महीने से थे तनाव में



हरेश रवानी हरेश रवानी
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हरेश रवानीहरेश रवानी

  • 200 करोड़ कर्ज की भी बात सामने आई
  • प्रोजेक्ट भी अटक गया था

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 01:20 PM IST

सूरत. रवानी बिल्डर ग्रुप में साझेदार हरेश रवानी के आत्महत्या प्रकरण में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक रवानी पर करीब 200 करोड़ रुपए का कर्ज था। जिसे नहीं चुकाने की वजह से वह मानसिक तनाव में थे। उधारी चुकाने के लिए उन्हें धमकियां भी दी जा रही थी।


कभी आर्थिक व्यवहार नहीं किया
हरेश रवाणी ग्रुप में साइट पर चल रहे कार्यों को संभालने का कार्य करते थे। इस ग्रुप में कार्य कर रहे सभी साझेदार परिवार के सदस्य ही हैं। जिसकी वजह से आपस में ही सभी जिम्मेदारियों को बांटा गया था। हरेश किसी भी आर्थिक व्यवहार में कभी शामिल नहीं रहे। हाल ही में उन्होंने अपने चचेरे भाई के साथ वेसू स्थित अग्रवाल स्कूल के सामने एंटीलिया ड्रीम नाम का एक प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट में बुकिंग की कीमत 4500 से 5000 रुपए प्रति वर्ग फीट रखी गई थी। परियोजना में प्रत्येक फ्लैट चार हजार वर्ग फीट है। प्रोजेक्ट में बुकिंग शुरू करते ही पैसे आने शुरू हो गए, जिससे निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था।


रवानी की कॉल डिटेल की होगी जांच
हरेश के भाई विनोद ने कहा कि उसके बड़े वे दो महीने से डिप्रेशन में थे और उनकी दवाई भी चल रही थी। घटना वाले दिन उनका डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट था। उनका कहना है बिल्डर की जिंदगी में कर्ज हमेशा ही होता है, इसलिए वो नहीं मानते कि कर्ज या लेनदारों के कारण हरेश ने आत्महत्या की। जांच अधिकारी कामरेज इंचार्ज पीआई गोहिल को जांच सौंपी गई है। बिल्डर की कॉल डिटेल की जांच की जाएगी। गोहिल ने बताया कि कॉल डिटेल से ही कोई सुराग मिलेगा। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनोज सत्यवाणी ने बताया कि हरेश मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। वे 10 अगस्त को आईएनएस अस्पताल आए थे और दो दिन तक एडमिट भी थे। मैंने सलाह दी थी कि मनोचिकित्सक से कंसल्ट करें।


एयरपोर्ट द्वारा एनओसी रद्द किए जाने की वजह से रुक गया प्रोजेक्ट
परियोजना को शुरू करते ही एयरपोर्ट द्वारा दी गई एनओसी को रद्द कर दिया गया था। जिसकी वजह से परियोजना आधे में ही रुक गई थी। एयरपोर्ट के एनओसी रोके जाने के विरुद्ध कोर्ट में भी गुहार लगाई गई थी, लेकिन मामला लंबा खिंचता जा रहा था। जिसकी वजह से ब्याज पर लिया गया पैसा और उसका ब्याज बढ़ने लगा। लोगों से लिए गए पैसे वापस देने के लिए अपने ही ग्रुप की अन्य परियोजनाओं और संपत्तियों को बेचा जाने लगा।


धन वापस करने का दबाव
इसी बीच दो कुख्यात लोगों ने ब्याज पर लिए पैसे वसूलने का कार्य शुरू कर दिया। जिससे हरेश पिछले एक महीने से तनाव में था। इन दोनों द्वारा लगातार रवाणी पर दबाव बनाया जा रहा था। जिसके चलते जुलाई के अंत तक 15 करोड़ रुपए वसूले गए थे। इस बिल्डर ग्रुप में फाइनेंस का कार्य संभालने वाले बड़े भाई भी इस मामले में शामिल नहीं थे। 

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