पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • Canada based Youth Could Not Reach Vadodara At Their Maternal Uncle's Funeral Due To Cancellation Of Visa

वीजा रद्द होने पर कनाडा निवासी युवा अपने मामा की अंत्येष्टि में वडोदरा नहीं पहुंच पाया

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भांजा कश्यप वैद्य और उनके पत्रकार मामा शैलेष पंड्या - Dainik Bhaskar
भांजा कश्यप वैद्य और उनके पत्रकार मामा शैलेष पंड्या
  • शहर के पत्रकार शैेलेष पंड्या की बुधवार को हुई मृत्यु
  • भांजे का बेटे की तरह मानते थे शैलेष भाई

वडोदरा. कोरोनावायरस के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 अप्रैल तक डिप्लोमेटिक वीजा के अलावा सभी प्रकार के वीजा रद्द करने की घोषणा की है। 13 मार्च से डिपार्चर पोर्ट से यह नियम लागू हुआ। 15 अप्रैल तक विदेश में रहने वाले भारतीय ओसीआई(ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्ड होल्डर के वीजा फ्री प्रवास की सुविधा भी सस्पेंड कर दी गई है। इस कारण कनाडा में स्थायी रूप से रहने वाले वडाेदरा के युवा अपने मामा के देहांत होने पर उनके अंतिम दर्शन से वंचित रह गया।
 

बुधवार को हुई थी पत्रकार शैलेेष पंड्या की मृत्यु
उल्लेखनीय है कि बुधवार को शहर के सीनियर पत्रकार और पीटीआई के लिए काम करने वाले शैलेष पंड्या की मृत्यु हो गई। वे अविवाहित थे, इसलिए उन्होंने अपने भांजे कश्यप वैद्य को बेटे की तरह पाल-पोसकर उसे पढ़ाई के लिए कनाडा भेजा, जहां बाद में वे स्थायी रूप से रहने लगा। मामा के निधन की सूचना मिलने के बाद वह भारत आने की कोशिश करने लगा। पर प्रतिबंधों के कारण उसका भारत आना नहीं हो पाया। मामा के अंतिम दर्शन भी वह नहीं कर पाया। अपनी पीड़ा को उसने भास्कर से शेयर की।

क्या कहा कश्यप वैद्य ने
कश्यम वैद्य ने भास्कर से कहा कि  कोरोनावायरस केकारण विदेश से आने वाले लोगों पर भारत ने प्रतिबंध लगा दिया है। इससे काफी परेशानी हो रहीे है। एम्बेसी में किसी प्रकार की तकलीफ न हो, इसलिए उसने मामा का डेथ सर्टिफिकेट मंगा लिया है। फ्लाइट का टिकट पहले ही बुक करा लिया है। उस टिकट काे कैंसल कराकर गुरुवार की कराई है। गुरुवार की रात की फ्लाइट है। मैं अभी मंजूरी के लिए एम्बेसी जाने वाला हूं। यदि मंजूरी मिल जाती है, तो ही भारत आ पाऊंगा। इसके बाद ही मामा की सारी उत्तर क्रियाओं में भाग लूंगा।
 

भाई की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो पाई
शैलेष पंड्या के भाई हिमांशु पंड्या ने बताया कि मेरे भाई की अंतिम इच्छा थी कि उनका भांजा कश्यप उनके अंतिम संस्कार के समय उपस्थित रहे। परंतु उसके उपस्थित न रहने से भाई की अंतिम इच्छा पूरी नहींं हो पाई। बहरहाल भांजा कश्यप भारत आने की कोशिशें कर रहा है। अब देखें क्या होता है।