विरोध / डीपीएस ईस्ट शुरू करने के लिए बच्चे पूरी रात स्कूल के बाहर सोए रहे

विरोधस्वरूप अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल के बाहर सोए रहे विरोधस्वरूप अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल के बाहर सोए रहे
X
विरोधस्वरूप अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल के बाहर सोए रहेविरोधस्वरूप अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल के बाहर सोए रहे

  • अभिभावक अनिश्चित कालीन धरने पर
  • संचालक मंजुला श्राफ अंडरग्राउंड

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 12:29 PM IST

अहमदाबाद. नित्यानंद आश्रम विवाद को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा डीपीएस ईस्ट की मान्यता रद्द कर उसे बंद कर दिया गया है। अभिभावकों ने इसका विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन धरना देना शुरू कर दिया है। मंगलवार की रात अभिभावक अपने बच्चों के साथ रात भर स्कूल के बाहर सोकर अपना विरोध दर्ज किया।
 

अभिभावकों द्वारा विरोध जारी
डीपीएस ईस्ट फिर से शुरू करने की मांग को लेकर अभिभावकों ने अपना विरोध जारी रखा है। मंगलवार की रात कई अभिभावक अपने बच्चों के साथ रात भर स्कूल के बाहर सोकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला शिक्षाधिकारी का घेराव भी किया गया। अभिभावकों की मांग है कि इस स्कूल का सरकार अपने हाथ में लेकर यहां शिक्षण कार्य फिर से शुरू करे। उधर 9 साल में मंजुला श्राफ समेत स्कूल के संचालक स्टूडेंट्स से फीस के 50 करोड रुपए लेकर अंडरग्राउंड हो गए हैं।
 

बच्चों को कहां एडमिशन दें, इस पर विचार
डीपीएस ईस्ट में पढ़ने वाले बच्चों को गुजरात बोर्ड में रखें या सीबीएसई बोर्ड में एडमिशन करवाएं, इस पर विचार चल रहा है। उधर अभिभावकों से कहा गया है कि स्कूल जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा। पर अभिभावकों का कहना है कि जब तक स्कूल शुरू नहीं हो जाती, वे अपना धरना कार्यक्रम बंद नहीं करेंगे। इसे देखते हुए एजुकेशन इंसपेक्टर विमल शर्मा ने बताया कि आसपास की स्कूलों में कहां-कितनी जगह है। इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि बच्चों को गुजरात बोर्ड से या फिर सीबीएसई बोर्ड से परीक्षा दिलवाई जाए।
 

तीन महीने के अंदर स्कूल शुरू किया जाएगा
मंगलवार की देर रात स्कूल के प्रिंसीपल हितेन पुरी स्कूल पहुंचे थे, वहां उन्होंने अभिभावकों से कहा कि तीन महीने के अंदर स्कूल फिर से शुरू हो जाएगा। इस पर अभिभावकों ने स्कूल की बोपल ब्रांच में बच्चों को एडमिशन देने की मांग की।
 

मंजुला श्राफ की खोज शुरू
पुलिस अब स्कूल की संचालक मंजुला श्राफ और हितेन वसंत ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को मंजुला और हितेन के घर पर दबिश दी, पर दोनों अपने-अपने घरों पर नहीं मिले। घर के नौकरों को भी अपने मालिक के बारे में कुछ भी नहीं पता था।
 

डीपीएस के लीगल आफिसर का बयान लिया गया
डीपीएस ईस्ट की जमीनों का काम देखने वाले लीगल ऑफिसर का पुलिस ने बयान ले लिया है। पुलिस ने जमीनों के दस्तावेज की भी जांच की है। इसके अलावा जिला शिक्षाधिकारी का भी बयान लिया गया। शिक्षा विभाग की कुछ फाइलों को पुलिस ने सबूत के तौर पर अपने पास रख ली हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना