सांठगांठ / पुलिस-असामाजिक तत्वों के बीच मिलीभगत का पर्दाफाश



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  • डायल 100: इस रूट की सभी लाइनें भ्रष्ट हैं..!
  • अपराधियों के खिलाफ जानकारी देने वाले का नाम गुप्त नहीं रखा जाता
  • पुलिस ने बता देती है, फोन करने वाले का नाम

Dainik Bhaskar

Sep 09, 2019, 01:08 PM IST

शायर रावल, अहमदाबाद. शहर में पुलिस कंट्रोल रूम से बुटलेगरों को जानकारियां पहुंचाई जाती हैं। 'भास्कर' के स्टिंग ऑपरेशन में इसका खुलासा हुआ है। शहर में 5 अलग-अलग स्थानों से 5 अलग-अलग अपराधियों के खिलाफ 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस कंट्रोल रूम को शिकायत की गई थी। शिकायत करने के महज 16 ही मिनट में जिनके खिलाफ शिकायत की गई थी, उस बुटलेगर ने शिकायत करने वाले को फोन किया और अब फिर से कंट्रोल रूम में शिकायत नहीं करने की धमकी दी गई। 


पुलिस से ही मिला नम्बर
इतना ही नहीं, भास्कर के रिपोर्टर को नंबर किस तरह से मिला ऐसा अपराधी को पूछा गया,  तो उसने सरेआम स्वीकार किया कि पुलिस से ही नंबर मिला है। नियमानुसार कंट्रोल रूम में कॉल करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाती है। लेकिन इस स्टिंग ऑपरेशन में पुलिस और असामाजिक तत्वों के बीच मिलीभगत का पर्दाफाश हुआ है। स्टिंग ऑपरेशन में स्पष्ट हुआ है कि कंट्रोल रूम से बुटलेगरों को सीधी मदद पहुंचाई जाती है।


पुलिस कंट्रोल रूम पर किसका कंट्रोल?

  • 5 स्थानों पर 5 स्टिंग ऑपरेशन में असामाजिक तत्वों के साथ पुलिस की मिलीभगत का पर्दाफाश
  • रिपोर्टर ने शराब और जुए के व्यवसाय करने वाले लोगों के खिलाफ 100 नंबर पर शिकायत की
  • रिपोर्टर : मै सरदार नगर से बात कर रहा हूं। सरदार नगर रेलवे फाटक की गली में खुले आम शराब और जुए का बहुत बड़ा अड्डा चल रहा है।
  • जवाब : अहमदाबाद के 5 अपराधियों के खिलाफ कंट्रोल रूम में शिकायत की, तो चंद मिनटों में अपराधियों ने शिकायतकर्ता को फोन कर धमकी दी।
  • शिकायत के चंद मिनटों में ही शिकायतकर्ता का नंबर अपराधी के पास पहुंचा
  • महज 16 मिनट में तो अन्य केस में चंद घंटों में ही शिकायत करने वाले रिपोर्टर पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। यह कॉल जिसके खिलाफ शिकायत की गई थी उसका था।
  • जिनकी शिकायत की उन आरोपियों ने रिपोर्टर को फोन कर धमकी दी
  • जिनके खिलाफ शिकायत की उन आरोपियों ने शिकायतकर्ता को धमकी दी, 100 नंबर पर क्यों फोन कर रहे हो? अब कंट्रोल रूम में मैसेज नहीं करना। इतना कहकर धमकी दी गई।
  • आखिर क्यों इस स्टिंग ऑपरेशन की जरूरत पड़ी? 

 

सिस्टम में बदलाव की जरूरत

सूत्रों से जानकारी मिली थी कि कंट्रोल रूम से शिकायतकर्ता का नंबर आरोपियों को दिया जाता है। भास्कर ने इस जानकारी की जांच-पड़ताल करने स्टिंग ऑपरेशन शुरू किया। इसका उद्देश्य पुलिस की छवि खराब करना नहीं था लेकिन सिस्टम को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में है। भास्कर भी चाहता है कि हरेक शिकायत करने वाले शख्स की गोपनीयता बरकरार रखी जाए, सिस्टम में इस तरह का बदलाव हो।
(बातचीत की सभी रिकॉर्डिंग 'भास्कर' के पास मौजूद है)

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