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गुजरात / चरोतर में साल में दो बार होती है मगरमच्छों की गिनती, 153 पाए गए; गर्मी के मौसम में 200 थे

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 08:27 AM IST


Counts of crocodiles twice a year in charotar
Counts of crocodiles twice a year in charotar
मगरमच्छों की गिनती करते सदस्य। मगरमच्छों की गिनती करते सदस्य।
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Counts of crocodiles twice a year in charotar
Counts of crocodiles twice a year in charotar
मगरमच्छों की गिनती करते सदस्य।मगरमच्छों की गिनती करते सदस्य।

  • पिछले साल इस सीजन में 131 थी मगरमच्छों की संख्या
  • सर्दी के सीजन में सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे और गर्मी में रात में रोशनी के सहारे होती है गणना

आणंद. चरोतर में सालभर में दो बार मगरमच्छों की गणना होती है। सदी और गर्मी के सीजन में होने वाली गणना की पद्धति अलग-अलग है। सर्दी के सीजन में तालाब में पानी अधिक होता है और आसपास की झाड़ियां हरी-भरी होती हैं। मगरमच्छों को छिपने की खूब जगह होती है इसलिए सर्दी में उनकी संख्या बहुत कम होती है। पिछले साल चरोतर में 131 मगरमच्छ थे। जबकि इस साल विद्यानगर नेचर क्लब द्वारा की गई गणना में 153 मगरमच्छ पाए गए हैं।

 

गणना के दौरान गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र समेत 13 राज्यों के 110 वॉलिएंटर तथा मगर संरक्षण संस्था के रोम्युलस वीटेकर, निखिल वीटेकर, जानी मानी लेखिका जानकी लेनिन, विद्यानगर नेचर क्लब के धवल पटेल मौजूद थे। धवल पटेल ने बताया कि चरोतर के देवा, चांगा, डभोई, गाडा मलातज, एरंज, नगरा, नवागाम, सोजित्रा समेत गांवों में सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक गणना की गई। पिछले साल गर्मी के सीजन में यहां 200 से अधिक मगरमच्छ थे।

 

सर्दी और गर्मी के सीजन में ऐसे होती है गणना
सर्दी और गर्मी के सीजन में मगरमच्छों की गणना की पद्धति अलग-अलग है। गर्मी के सीजन में रात के अंधेरे में मगरमच्छ तालाब से बाहर निकलते हैं। तेज रोशनी में मगरमच्छ की आंखें चमकती हैं। रात में तेज रोशनी से मगरमच्छों की गिनती की जाती है। सर्दी की सीजन में कड़ा़के की ठंड से ठिठुरे मगरमच्छ दिन में 11:00 से 2:00 बजे के बीच धूप सेंकने के लिए तालाब से बाहर आते हैं, तब उनकी गिनती होती है।

 

सर्दी में बहुत कम बाहर निकलते हैं

सर्दी के मौसम में मगरमच्छों की गणना करना कठिन है। सर्दी के सीजन में तालाब में पानी भी अधिक होता है। मगरमच्छ पानी और इन्हीं झाड़ियों में छिपे रहते हैं। इस वजह से सर्दी में मगरमच्छों की संख्या कम आंकी जाती है।

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