सूरत / 43 किमी तक मार करने वाली के-9 वज्र हॉवित्जर तोप सेना में शामिल; राजनाथ तोप पर बैठकर घूमे

के-जी वज्र के भीतर बैठकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया निरीक्षण  के-जी वज्र के भीतर बैठकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया निरीक्षण 
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के-जी वज्र के भीतर बैठकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया निरीक्षण के-जी वज्र के भीतर बैठकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया निरीक्षण 

  • रक्षामंत्री ने तोप पर तिलक लगाकर और स्वास्तिक बनाकर पूजन किया
  • 50 टन वजन वाली यह तोप किसी भी दिशा में दुश्मन पर वार कर सकती है

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2020, 05:31 PM IST

सूरत. सेना में 51वीं के-9 वज्र हॉवित्जर तोप को शामिल किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तोप पर तिलक और स्वास्तिक बनाकर सेना में शामिल किया। इस दौरान वह तोप पर बैठकर फैक्ट्री में घूमे भी। के-9 वज्र-टी, एक स्वचलित हॉवित्जर तोप है। 50 टन वजनी इस तोप की मारक क्षमता 43 किमी तक है। यह किसी भी दिशा में वार कर सकती है। इसे नवंबर 2018 में सेना में शामिल किया गया था। 2017 में एलएंडटी कंपनी और रक्षा मंत्रालय में 4500 करोड़ का अनुबंध हुआ था। जिसके तहत कंपनी सेना के लिए इस तरह की 100 तोप उपलब्ध कराएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को एल एंड टी आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में निर्मित के-9 वज्र तोप को हरि झंडी दिखाने के बाद कहा- यह तोप इस कंपनी की एक नई उपलब्धि है। कर्मचारियों की कड़ी मेहनत को सलाम है। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसे कई क्षेत्र जिनमें निजी क्षेत्र की भागीदारी लगभग शून्य थी। रक्षा भी भई एक ऐसा ही क्षेत्र था, लेकिन मेक इन इंडिया के तहत सरकार ने कई कदम उठाए हैं जो भविष्य में देश को हथियारों का निर्यातक बना देगा। सरकार ने लाइसेंस देने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। इसके लिए देश में दो रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना की और रक्षा मंत्रालय में एक रक्षा निवेशक सेल बनाया।

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