खंभात में सांप्रदायिक हिंसा: हिंदू संगठनों ने बंद का आह्वान किया, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग

3 वर्ष पहले
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शहर में गश्त लगाती पुलिस - Dainik Bhaskar
शहर में गश्त लगाती पुलिस
  • विधायक-पालिकाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी, स्कूल-कॉलेज, सरकारी कार्यालय, बैंक बंद
  • 50 से अधिक लोग गिरफ्तार, कई पुलिस अधिकारियों का तबादला

आणंद. आणंद जिले के खंभात में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हिंदू संगठनों ने बंद का ऐलान किया। इसका बड़ा असर देखा गया। दूसरी तरफ बंद के चलते सुबह टावर बाजार पर हिंदू समाज के लोग जमा हुए। यहां सभी ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यहां विधायक-पालिकाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान स्कूल-कॉलेज, सरकारी कार्यालय, बैंक पूरी तरह बंद रहे। खंभात में अशांत धारा कानून के तहत संबंधित इलाके में संपत्ति की खरीद बिक्री बिना जिला प्रशासन की मंजूरी लिए नहीं की जा सकती। स्थानीय हिन्दू संगठनों ने सरकार से इस कानून को लागू करने की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि वहां मुस्लिम समुदाय के कई असामाजिक तत्व अपने इलाकों से अल्पसंख्यक हिन्दुओं को भगाने के लिए उनकी संपत्ति आदि खरीद कर जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

दंगों की आग शांत नहीं हो पाई है
रविवार को दो कौमों के बीच तीखी झड़प के बाद दंगे शुरू हो गए। अकबरपुरा में आपसी रंजिश को लेकर दो कौमों के बीच पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं हुईं, इससे तनाव बढ़ गया। इसके बाद मोचीवाड़, टावर बाजार, बावाबाजिसा, भावसारवाड़, भोईबारी और लाल दरवाजा इलाके प्रभावित रहे।

विधायक-पालिकाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी
सोमवार को दोनों कौमों के उपद्रवियों ने मकानों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। इसके चलते हिंदुओं ने मंगलवार को बंद का आह्वान किया। टावर बाजार पर हिंदू संगठनों के लोगों ने विधायक मयूर रावल और पालिकाध्यक्ष योगेश उपाध्याय के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके बाद समूह ने मोचीवाड में एक मुस्लिम के ठेले को आग के हवाले कर दिया। फिर कई वाहनों में आग लगा दी।

50 से अधिक लोग गिरफ्तार
हिंसक घटनाओं और आगजनी के मामले में पुलिस ने 50 से अधिक दंगाइयों को अब तक गिरफ्तार किया है। उधर, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार को कहा कि खंभात शहर में लोगों की भावना के अनुरूप अशांत क्षेत्र अधिनियम को जल्द ही लागू किया जाएगा। वहां हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

मुस्लिम समुदाय संतुलन बिगाड़ने का काम कर रहे
अशांत क्षेत्र अधिनियम के तहत संबंधित इलाके में संपत्ति की खरीद बिक्री बिना जिला प्रशासन की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकती। स्थानीय हिन्दू समुदाय के कई संगठनों ने सरकार से इस कानून को लागू करने की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि वहां मुस्लिम समुदाय के कई असामाजिक तत्व अपने इलाकों से अल्पसंख्यक हिन्दुओं को भगाने के लिए उनकी संपत्ति आदि खरीदकर जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

छावनी में तब्दील हुआ खंभात
घटना के मद्देनजर पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। राज्य रिजर्व बल यानी एसआरपी की पांच तथा दंगा निरोधक त्वरित कार्रवाई बल यानी आरएएफ की दो कंपनियां और स्थानीय पुलिस के अलावा निकटवर्ती खेड़ा तथा अहमदाबाद ग्राम्य क्षेत्र से अतिरिक्त पुलिस टुकड़ी को वहां तैनात कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा और गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हिमांशु शुक्ला भी वहां पहुंच गए हैं। शुक्ला ने पत्रकारों से कहा कि वह कानून और व्यवस्था को बनाए रखने में स्थानीय पुलिस की मदद के लिए आए हैं। झा ने पत्रकारों से कहा कि जो भी शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। एटीएस को भी इस संबंध में कुछ काम दिए गए हैं। शांति बनाए रखने में विफल रहे एसपी और डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया है।

आगजनी और पथराव
गत रविवार को खंभात के लाल दरवाजा, भावसारवाड़ समेत अन्य इलाकों तथा अकबरपुर गांव आदि में हिंसा, पथराव, घरों और वाहनों में आगजनी तथा लूटपाट की घटनाएं हुई थीं। इनके विरोध में मंगलवार को हिंदू संगठनों के बंद के दौरान स्थानीय गवारा टॉवर के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे और इसके बाद भी आगजनी और पथराव की घटनाएं हुईं।