स्टाफ की कमी से महिलाओं की नहीं हो पा रही थी जांच

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर
  • अगले हफ्ते से 50 महिला पुलिसकर्मी के साथ चलेगा अभियान
  • ट्रैफिक विभाग ने पुलिस आयुक्त से मांगी महिला पुलिसकर्मी
  • अभी सिर्फ पांच महिलाएं ही हैं ट्रैफिक के पास

सूरत. अगले हफ्ते से महिला वाहन चालकों का चालान काटने के लिए ट्रैफिक पुलिस अभियान चलाएगी। शहर में ट्रैफिक का नया रूल लागू होने के बावजूद महिला वाहन चालकों का चालान नहीं कट रहा है। आरोप लगाने के डर से पुलिस जवान महिलाओं पर कार्रवाई करने से कतराते हैं। महिलाओं की जांच करने के लिए ट्रैफिक विभाग में स्टाफ ही नहीं है। 

बहरहाल महिलाओं पर कार्रवाई नहीं
ट्रैफिक विभाग के डीसीपी प्रशांत सुम्बे ने बताया कि स्टाफ न होने के कारण यातायात का उल्लंघन करने वाली महिला वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब महिलाओं का चालान काटने के लिए खास अभियान चलाया जाएगा। डीसीपी ने बताया कि पुलिस आयुक्त से महिला पुलिसकर्मियों की मांग की गई है। ज्ञातव्य है कि महिला स्टाफ के बिना पुलिस महिलाओं पर कोई कार्रवाई करती है तो उस पर कई गलत आरोप भी लगाए जा सकते हैं।

हफ्ते में एक दिन करेंगे ट्रायल
डीसीपी सुम्बे ने कहा कि हफ्ते में एक दिन ट्रायल करेंगे। अगले हफ्ते से अभियान चलाया जाएगा। इसके सफल होने के बाद आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अभी तक हफ्ते में दो दिन अभियान चलाने पर चर्चा चल रही है।

ट्रैफिक पुलिस टीआरबी के भरोसे
शहर के अलग-अलग स्पॉट्स पर ट्रैफिक पुलिस जवान तैनात रहते हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण ट्रैफिक पुलिस टीआरबी के भरोसे यातायात को नियंत्रण करने में जुटी है। महिला टीआरबी की मदद से गाड़ी चलाने वाली महिलाओं की जांच करके कार्रवाई की जा रही है।

ट्रैफिक विभाग में केवल पांच महिला पुलिसकर्मी
ट्रैफिक पुलिस में केवल पांच महिला पुलिसकर्मी हैं, जिसमें एक पीएसआई है। डीसीपी सुम्बे ने पुलिस आयुक्त राजेंद्र ब्रह्मभट्ट से 50 महिला पुलिसकर्मियों की मांग की है। हाल में ट्रैफिक पुलिस के पास 1500 टीआरबी हैं, जिसमें 247 महिलाएं हैं।

खबरें और भी हैं...