इनसाइड स्टोरी / चेकपोस्टों पर हर साल 400 करोड़ का भ्रष्टाचार होता था



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  • ओवरडायमेंशन में अधिक भ्रष्टाचार
  • कई तरीकों से होता है भ्रष्टाचार

Dainik Bhaskar

Nov 15, 2019, 05:21 PM IST

अहमदाबाद. राज्य सरकार ने 16 चेकपोस्ट को खत्म करने की घोषणा की है। इन चेकपोस्टों से हर साल 90 लाख वाहन गुजरते थे। इसमें सरकार को 332 करोड़ की आय होती थी, दूसरी ओर 400 करोड़ का भ्रष्टाचार भी होता था। सरकार के चार साल के अध्ययन में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी। अब इन चेक पोस्टों को खत्म कर सारे कामकाज ऑनलाइन कर दिए गए हैं। 
ओवरडायमेंशन में अधिक भ्रष्टाचार
 

कई तरीकों से होता है भ्रष्टाचार
ओवरलोड के बजाए ओवरडायमेंशन में अधिक भ्रष्टाचार होता था, इसमें कानूनन जो जुर्माना लगना चाहिए था, उसका आधा कर दिया जाता और बिना रसीद के वाहन को जाने दिया जाता था। हर साल 90 लाख वाहनों में से 11 लाख वाहनों से ही जुर्माना लिया जाता, बाकी के 79 लाख वाहनों पर भ्रष्टाचार किया जाता। इस तरह से हर साल कम से कम 400 करोड़ की चपत सरकार को लगती थी।
 

कई तरीकों से होता है भ्रष्टाचार
यह भ्रष्टाचार कई तरह से होता है। चेकपोस्ट पर एंट्री ली जाती है, तब अनिवार्य रूप से पहले तो 50 रुपए देने ही होते हैँ। इसके बाद ओवरलोड में तयसीमा से अधिक लोड होने पर एक टन का 5 हजार रुपए और बाकी के वजन में प्रति टन 1 हजार रुपए का दंड देना होता है। इस तरह से ओवरडायमेंशन सिंगल चेचिस हो और खेती की फसल, घर का सामान या फिर सलाखें जैसी चीजें हों, तो अलग से दंड का प्रावधान है। यह दंड 1000 से लेकर 10 हजार तक का है। सामान्य रूप से खेती की फसल या घर का सामान लेकर जाने वाले वाहन को ओवरडायमेंशन में माना जाता है। इससे कम से कम उसे चेक पोस्ट पर 500 रुपए तो देने ही होते हैं। इस तरह से सरकार को 90 लाख वाहनों में से 11 लाख से ही दंड मिल पाता है। बाकी के 79 लाख वाहनों से यह राशि नहीं मिल पाती थी। इससे हर साल 3.95 अरब रुपए का भ्रष्टाचार होता था।

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