आपदा / सूखी बनास नदी की कोख से यूं फसलों का 'जीवन' खींच रहे हैं किसान

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 12:48 PM IST


Farmers are pulling such water from dry Banas river
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Farmers are pulling such water from dry Banas river
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  • 10 -20 नहीं पट में लगाए हैं 200 पंप 
  • 25 से 30 फीट पर ही मिल रहा है पानी
     

पालनपुर.  ये कोई रणक्षेत्र अथवा मैदान नहीं बल्कि गुजरात की बनास नदी है। पूरी तरह जलराशि विहीन। ऐसी स्थिति में भी नदी के सीने को चीर कर लोग इंजनों के सहारे जीवन को सींचने की जुगत में लगे हैं। नदी में गड्ढे खोद कर इंजन की मदद से पानी खींच कर तटीय क्षेत्रों के किसान सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे 10 -20 नहीं अपितु 200 से अधिक इंजन लगा कर भू-गर्भ जल खींचा जा रहा है। 


80 प्रतिशत सिंचाई भू-गर्भ जल से
266 किमी. लंबी बनास नदी के नाम पर ही उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले का नामकरण हुआ है जिसका जिला मुख्यालय पालनपुर है। इस क्षेत्र में 80 प्रतिशत सिंचाई भू-गर्भ जल से होती है। समी तहसील के तटीय इलाकों में किसान जीरे की उपज ले रहे हैं। 


बाढ़ अब बन रही है वरदान
2018 में उत्तर गुजरात में मानसून बहुत खराब रहा। इसके चलते नदी सूख चुकी है लेकिन इसके तल में 25 से 30 फुट गहरा गड्ढा करने पर पानी मिल जाता है। 2017 में इस में भयानक बाढ़ आई थी। तब बाढ़ के चलते तटीय इलाकों के कुएं भी रिचार्ज हो गए थे। एक साल बाद 2018 का मानसून विफल रहने पर भी नदी के पट से अब भी पानी मिल रहा है। 

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