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फैसला / आगे जाते हुए वाहन के ब्रेक से दुर्घटना हो, तो दोनों वाहन चालक जिम्मेदार



First vehicle break makes accident than behind vehicle than both responsible gujarat HC
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First vehicle break makes accident than behind vehicle than both responsible gujarat HC

  • गुजरात हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
  • चाणस्मा-मेहसाणा हाइवे पर 2002 में हुई दुर्घटना पर दिया फैसला

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 04:52 PM IST

अहमदाबाद. राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कई बार ऐसा होता है कि स्पीड से जाने वाले वाहन के आगे वाले वाहन के ब्रेक लगाए जाने पर पीछे का वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है। कई मौतें भी होती हैं। ऐसे में पीछे चलने वाले वाहन की क्या गलती? यह एक बड़ा सवाल है। जिस पर हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि दोनों वाहन चालक समान रूप से जिम्मेदार हैं।


हाल ही में दिया फैसला
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। जिसमें आगे जाने वाले वाहन का ड्राइवर यदि अचानक ब्रेक मारे, जिससे पीछे का वाहन उससे टकरा जाए, तो दोनों वाहन चालक समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।


ब्रेक मारने वाला ड्राइवर 100% जवाबदार नहीं
मेहसाणा-चाणस्मा हाइवे पर जून 2002 में हुई सड़क दुर्घटना का एक मामला गुजरात हाईकोर्ट में आया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में बताया कि यदि ड्राइवर ने अचानक ब्रेक मारा है, तो भी उसे पूरी तरह से जवाबदार नहीं माना जा सकता। 2002 में हुई दुर्घटना में एक ट्रेलर अचानक खड़ा हो गया। उसी समय उसके पीछे तेजी से आता हुआ ट्रक उसमें घुस गया था।


MACT में ट्रेलर के ड्राइवर को जवाबदार माना था
इस मामले पर ट्रक ड्राइवर विनोद चौहान ने कहा था कि दुर्घटना में उसे, क्लिनर और यात्रियों को चोट पहुंची थी। इसके कारण ट्रेलर का मालिक और इंश्योरेंस से मुआवजे की मांग की थी। 2005 में मेहसाणा के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल(MACT) ट्रेलर के ड्राइवर को पूरी तरह से दोषी बताकर इंश्योरेंस ने ट्रक ड्राइवर को 5 लाख और क्लिनर को 3 लाख रुपए देने का आदेश दिया था।


ट्रेलर चालक-ट्रक के बीच पर्याप्त अंतर नहीं था
ट्रेलर के मालिक और इंश्योरेंस ने MACT के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अपने पक्ष में उसने दलील दी कि ट्रक के ड्राइवर ने दुर्घटना टालने के लिए दो वाहनों के बीच सुरक्षित अंतर नहीं रखा था। रोड रेग्यूलेशन के नियमों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि ड्राइवर को आगे के वाहन से पर्याप्त दूरी रखनी चाहिए।


ट्रक में पैसेंजर नहीं थे
जज बी.एन.कार्या ने जब सबूतों को तलाशा, तो पता चला कि ट्रक ड्राइवर ने झूठा स्टेटमेंट दिया था। दुर्घटना के समय ट्रक में कोई पैसेंजर नहीं बैठा था। MACT ने ट्रेलर ड्राइवर गवाह के रूप में उपस्थित न होने पर उसके खिलाफ फैसला दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि इसमें ट्रेलर ड्राइवर को पूरी तरह से दोषी नहीं माना जा सकता, ट्रक ट्रेलर के पीछे आ रहा था, इससे वह भी ट्रेलर ड्राइवर जितना ही जवाबदार है।

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