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छात्राओं के कपड़े उतरवाने का मामला: स्वामीनारायण मंदिर से जुड़े भुज के इंस्टीट्यूट ने कहा- मासिक धर्म अब अधर्म नहीं

एक वर्ष पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • भुज की सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट के ट्रस्टियों ने विवाद से सबक लेते हुए व्यवस्था में अहम बदलाव किया
  • राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के सामने इंस्टीट्यूट के ट्रस्टियों ने इस बारे में लिखित में आश्वासन दिया

भुज. छात्राओं के कपड़े उतरवा कर मासिक चक्र की जांच करने के शर्मनाक मामले में बवाल जारी है। स्वामीनारायण मंदिर द्वारा संचालित भुज की सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट के ट्रस्टियों ने विवाद से सबक लेते हुए व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। सोमवार को भुज दौरे पर आई राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के सामने इंस्टीट्यूट के ट्रस्टियों ने इस बारे में लिखित में आश्वासन दिया। 

लिखित आश्वासन दिया
ट्रस्टियों ने इसी दिन बैठक कर निर्णय लिया कि बरसों से चल रही रुढ़िवादी परंपरा के नियम अब छात्राओं के लिए स्वैच्छिक होंगे। कच्छ यूनिवर्सिटी में महिला आयोग के सदस्य डॉ. राजुल देसाई को संचालकों ने इस तरह का लिखित आश्वासन देकर विवाद शांत करने का प्रयास किया। इधर, इस मामले में गिरफ्तार पुलिस ने  प्रिंसीपल रीटाबहन रणींगा, प्रशासक अनीताबहन, शिक्षिका रमीलाबहन और सेवाकर्मी (चपरासी) नयना बहन को सोमवार को अदालत में पेश किया। 

कोर्ट ने आरोपियों को रिमांड पर भेजा
जिस पर कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर सौंप दिया है।  रेंज आईजी की निगरानी में गठित स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) मासिक चक्र जांच प्रकरण की जांच कर रही हैं। जांच अधिकारी को भी पुलिस सुरक्षा दी गई है ताकि किसी तरह से जांच को प्रभावित न किया जा सके। गौरतलब  है कि मामला सामने आने के बाद सीएम विजय रुपाणी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

संस्था: नियम पालन के लिए दबाव नहीं डाला जाएगा
संस्था के वाइस प्रेसिडेंट और सर्वेसर्वा कहे जाने वाले प्रवीण भाई पींडोरिया ने कहा कि महिला आयोग की टीम कच्छ यूनिवर्सिटी में जांच के लिए आई थी। हमने लिखित आश्वासन दिया है कि संस्था के नीति-नियमों का पालन करने में बेटियों पर दबाव नहीं डाला जाएगा। बेटियां अपने धर्म की परंपरा के अनुसार स्वेच्छा से पालन कर सकेंगी।

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