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गोल्ड दिलाने के बाद मां ने फोन पर पूछा कैसा लग रहा है, बेटा बोला- राजा जैसा अहसास हो रहा है

12 साल में पहली बार टेबल टेनिस के टीम इवेंट में गोल्ड मेडल मिला, सूरत का युवक भी भारतीय टीम में शामिल।

Bhaskar News | Last Modified - Apr 10, 2018, 02:06 AM IST

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    हरमीत आइसक्रीम नहीं खाते, 5 साल की उम्र से शुरू कर दिया था टेबल टेनिस खेलना।

    सूरत. ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रही कॉमनवेल्थ गेम्स में जब भारत ने 12 साल में पहली बार टेबल टेनिस में गोल्ड मेडल जीता, तो सूरत का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। देश को सोना दिलाने वाली इस टीम में सूरत के हरमीत भी हैं। मैच के तुरंत बाद जब हरमीत की मां अर्चना देसाई ने उसे फोन किया कि कैसा महसूस हो रहा है तो हरमीत ने कहा कि राजा होने का अहसास हो रहा है।


    मैच के बाद हरमीत के घर मीडिया कर्मियों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा। मजूरा विधायक हर्ष संघवी ने हरमीत के घर जाकर परिजनों को बधाई दी, जबकि सांसद सीआर पाटिल और लिंबायत विधायक संगीता पाटिल ने फोन कर मां-बाप को बेटे की उपलब्धि के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी ट्वीट करके बधाई दी।


    एक-दूसरे को चॉकलेट खिला मुंह मीठा करवाया


    सूरत के हरमीत देसाई ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया, जिससे सूरत में खुशी की लहर दौड़ गई। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमन वेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय टीम के सदस्य हरमीत देसाई के शानदार प्रदर्शन की वजह से भारतीय टीम ने नाइजीरिया को हराकर गोल्ड हासिल किया। हरमीत के माता पिता ने हरमीत की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को चॉकलेट खिलाकर मुंह मीठा करवाया।


    हरमीत आइसक्रीम नहीं खाते, 5 साल की उम्र से शुरू कर दिया था टेबल टेनिस खेलना

    हरमीत का घर सूरत के डुमस रोड पर है। उनके माता-पिता नर्सरी स्कूल चलाते हैं। उन्होंने बताया कि हरमीत को बचपन से ही टेबल टेनिस का जुनून था। हरमीत जब 4 साल के थे, तभी से उन्होंने आइसक्रीम खाना छोड़ दिया। वह कोई मीठी चीज भी नहीं खाते। हरमीत ने 5 साल की उम्र से टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रैक्टिस के लिए जर्मनी से रोबो मंगवाए। इसपर रोज 8 घंटे प्रैक्टिस करते थे। वह ज्यादातर सूरत से बाहर ही रहते हैं।


    भारत 10 गोल्ड समेत 19 मेडल के साथ टैली में तीसरे नंबर पर पहुंचा

    भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार दूसरे दिन तीन गोल्ड मेडल जीते। भारतीय खिलाड़ी बैडमिंटन मिक्स्ड टीम, पुरुष टेबल टेनिस टीम और 10 मीटर एयर पिस्टल में चैंपियन बने। इसके अलावा, शूटर मेहुली घोष और अपूर्वी चंदीला ने 10 मीटर एयर राइफल में क्रमश: सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीता। वेटलिफ्टिंग में प्रदीप सिंह ने 105 किग्रा में सिल्वर हासिल किया। पुरुष डबल्स में सूरत के हरमीत देसाई और जी साथियान की जोड़ी ने 12 साल बाद टेबल टेनिस में भारत को चैंपियन बनाया। टीम ने नाइजीरिया को 3-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में अचंत शरत कमल ने टीम को बढ़त दिलाई। इस जीत के साथ ही भारत ने टेबल टेनिस में पहली बार गोल्डन डबल पूरा कर लिया। महिला टीम रविवार को चैंपियन बनी थी।

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    एयर पिस्टल - जीतू बने तीसरे भारतीय

    भारत के जीतू राय ने 10 मी एयर पिस्टल का गोल्ड जीता। इसी इवेंट में ओम प्रकाश मिठरवाल ने ब्रॉन्ज जीता। जीतू कॉमनवेल्थ में इस इवेंट का गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय पुरुष शूटर हैं। भारत ने पहली बार इस इवेंट का पुरुष और महिला दोनों वर्ग का गोल्ड जीता है।

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    बैडमिंटन - मलेशिया को हराकर गोल्ड पर कब्जा

    भारत की अश्विनी पोनप्पा और सात्विक साईंराज की मिक्स्ड बैडमिंटन टीम ने डिफेंडिंग चैंपियन मलेशिया को 3-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह भारत का इस इवेंट में पहला गोल्ड है। भारत ने पुरुष सिंगल्स, महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स के मुकाबले जीते।

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