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  • If You Want To Avoid The Dreaded Railway, Corona Among The Passengers, Then Bring Blankets From Home

यात्रियों में खौफ-रेलवे बेखौफ, कोरोना से बचना है तो घर से लाएं कंबल

एक वर्ष पहले
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  • एक माह बाद हो रही धुलाई
  • एसी में 24 घंटे से से ज्यादा सक्रिय रहते हैं वायरस
  • एक्वाडोर से सामान सहित सूरत आए यात्री

लवकुश मिश्रा, सूरत. अगर आपको ट्रेन के एसी डिब्बे में सफर करना है, तो अपने घर से कंबल लेकर जाइए, क्योंकि रेलवे एक महीने बाद ही कंबलों की धुलाई कर रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि ठंडी जगह पर वायरस 24 घंटे से ज्यादा समय तक सक्रिय रह सकते हैं। कोरोना से बचाव के लिए एयरपोर्ट, बंदरगाह व अन्य जगह एहतियात बरती जा रही है, लेकिन रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं कर रही है।

डरा-सहमा सफर
कोरोना को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी घोषित किया है। इससे यात्री ट्रेन में डरे-सहमे सफर कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर सभी टच पॉइंट पर एंटी बैक्टीरियल स्प्रे का छिड़काव हो रहा है, जबकि देश का सबसे बड़ा संस्थान रेलवे कर्मचारियों को मास्क भी नहीं दे रही है। हालांकि ट्रेनों के एसी कोच में लिनन में दी जाने वाली तकिया और चादर की नियमित धुलाई हो रही है। भास्कर ने गुरुवार को सूरत स्टेशन पर यात्रियों से बात की तो पता चला कि वे कोरोना से भयभीत हैं।

एक माह में 30 से ज्यादा यात्री कर रहे इसी कंबल का इस्तेमाल
ट्रेन के एसी कोच का तापमान कम होता है। ऐसे में अगर कोरोना वायरस रेलवे के कंबलों के संपर्क में आ गया तो 24 घंटे से ज्यादा तक सक्रिय रहेगा। एक यात्री के इस्तेमाल के बाद ज्यादा से ज्यादा आधे घंटे के अंतराल पर दूसरा यात्री इसे उपयोग करता है। बचाव के लिए यात्री अपने घर से कंबल लेकर चलें। हो सके, तो अभी लंबी दूरी की यात्रा भी टालें। एक्सपर्ट व्यू डॉ. पारुल वडगामा, डॉ. ओमकार चौधरी, सिविल अस्पताल

जल्द मास्क दिए जाएंगे
रेलवे द्वारा रेलवे के सभी अस्पतालों में कोरोना वायरस को संज्ञान में लेकर अतिरिक्त बेड, वार्ड की व्यवस्था की गई है। साथ में लगातार यात्रियों को अलग-अलग माध्यमों से सूचना दी जा रही है। हेल्पलाइन नंबर भी दिए जा रहे हैं। रेलवे ने रनिंग स्टाफ को सैनेटाइजर दिया गया है। जल्द ही मास्क भी दिया जाएगा। -रविंद्र भाकर, सीपीआरओ, पश्चिम रेलवे

यात्रियों को भी जागरूक होना चाहिए
बांद्रा-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के यात्री हरेश भाई ने कहा कि रेलवे प्रशासन को कोरोना वायरस से बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है। यात्रियों को मास्क दें तो ज्यादा अच्छा होगा। यात्री नवीन पटेल ने कहा कि हम यात्रियों को भी जागरूक होने की जरूरत है। यात्री शिवकुमार मिश्रा ने बताया कि एसी कोच के कंबल से ऐसे माहौल में डर जरूर लग रहा है। पहले रेलवे एसी कोच के कंबलों की धुलाई दो महीने में एक बार करती थी। रेलवे बोर्ड ने 2018 में इसे हर महीने धुलने का निर्देश दिया। कोरोना ने जिस तरह महामारी का रूप लिया है, उससे कंबल रोज धुलने की जरूरत है।