जीवन दान / नवसारी के रत्न कलाकार ने स्टेमसेल दान कर मासूम की जान बचाई



स्टेमसेल का दान देने वाले प्रकाश पटेल और पेथालॉजिस्ट डॉ. मनोज कहार स्टेमसेल का दान देने वाले प्रकाश पटेल और पेथालॉजिस्ट डॉ. मनोज कहार
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स्टेमसेल का दान देने वाले प्रकाश पटेल और पेथालॉजिस्ट डॉ. मनोज कहारस्टेमसेल का दान देने वाले प्रकाश पटेल और पेथालॉजिस्ट डॉ. मनोज कहार

  • ब्लड कैंसर के मरीजों की जान बचाने स्टेमसेल का डोनेशन महत्वपूर्ण
  • जनजागृति भी जरूरी

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 12:13 PM IST

नवसारी. रक्तदान जीवनदान जैसा स्लोगन बहुत प्रचलित हुआ है जिसमें एलोपैथी से ब्लड और यूरीन रिसर्च पर आधारित पद्धति का इलाज प्रचलित बना है। जिसमें ब्लड कैंसर के बढ़ते मामलों में लोग जान गंवा रहे हैं। ऐसे में नवसारी के एक रत्न कलाकार ने अपना स्टेमसेल दान कर मुंबई की 10 साल की बच्ची काे कैंसर से मुक्त किया है।
 

और स्टेमसेल मैच हो गया
एप्लास्टिक एनिमिया मानव शरीर में पिछले कई दिनों से बढ़ती बीमारियों में से एक है। जिसका इलाज न किया जाए तो लंबे अर्से बाद ब्लड कैंसर होता है। नवसारी के प्रकाश पटेल जो एक सामान्य रत्न कलाकार है। उनकी कंपनी महेंद्र ब्रदर्स द्वारा रक्त स्टेमसेल दान के लिए जनजागृति का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में चेन्नई से दात्री संस्था स्टेमसेल डोनेशन कैंप द्वारा 150 रत्न कलाकारों ने अपना पंजीयन कराया था। जिसमें लाख लोगों की रक्त जांच कराने के बाद एक व्यक्ति के साथ स्टेमसेल मैच हुआ और नवसारी के प्रकाश पटेल का स्टेमसेल मुंबई की 10 वर्षीय बच्ची के साथ मैच होने के बाद लंबी जांच के बाद बच्ची को स्टेमसेल प्रदान किया गया और उसकी जान बच गई।
 

अब तक 572 लोगों की जान बचाई
इस तरह दात्री संस्था के लगभग 4.50 लाख से अधिक दाताओं का पंजीयन संस्था के पास है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 91 मिलाकर कुल 572 लोगों ने स्टेमसेल के दान से लोगों की जान बचाई है। एप्लास्टिक एनिमिया के वेरी सीवियर स्टेज में स्टेमसेल देने की जरूरत पड़ती है। रक्तदान जीवनदान महादान बन गया है। जबकि स्टेमसेल जीवनदान बन गया है। स्टेमसेल डोनेशन देने वाले और लेने वाले व्यक्तियों की पहचान छुपाकर रखी जाती है। डोनेट करने वाले व्यक्ति के परिवारजनों की संमति द्वारा संपूर्ण प्रक्रिया एनजीओ के सहयोग से की जाती है।
 

जान बचाना गर्व की बात
हमारी कंपनी में एनजीओ द्वारा स्टेमसेल डोनेशन कैंप रखा गया था जिसमें मेरा स्टेमसेल एक बच्ची के साथ मैच हुआ और उसे दान करने के बाद बच्ची की जान बच गई है। यह मेरे लिए गर्व की बात है। तमाम लोगों ने भी स्टेमसेल डोनेशन करना चाहिए, यह सरल प्रक्रिया है। - प्रकाश पटेल, स्टेमसेल डोनेटर
 

स्टेमसेल दान करने की काफी सरल है प्रक्रिया
एप्लास्टिक एनिमिया में मरीज को ब्लड के कण बाहर से दिए जाते है, जो सरल प्रक्रिया है और इसे विभिन्न तरीके से दिया जा सकता है। एचएलए मैच होने के बाद मरीज को स्टेमसेल मशीन द्वारा दिया जाता है। इस संदर्भ में लोगों में जागृति आए तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है। - डॉ मनोज कहार, पेथोलोजिस्ट

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