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गुजरात / कंपनी की कर्मचारियों को हिदायत: लत नहीं छोड़ सकते तो नौकरी छोड़ दें

Strict decision of the company: If you do not quit addiction, you can leave job
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Strict decision of the company: If you do not quit addiction, you can leave job

  • पर्व मेटल ग्रुप ऑफ कंपनी का अनोखा प्रयोग, फैक्टरी पर स्क्रीन लगाकर लतमुक्ति का भाषण चलाया
  • कहा- तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट की लत से जा सकती है नौकरी, खराब आदतों को छुड़ाने के लिए योग अनिवार्य किया

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 11:03 PM IST

अहमदाबाद (विमुक्त दवे). गुजरात की कई छोटी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सजग रहती है। इनमें समय-समय पर सभी कर्मचारियों मेडिकल चैकअप कराया जाता है। अब इससे आगे चलकर एक कंपनी ने कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि यदि वे अपनी लत को नहीं छोड़ सकते, तो नौकरी छोड़ दें।

पिछले साल जून में चलाया था अभियान
राजकोट की की पर्व मेटल ग्रुप ऑफ कंपनी ने अपने कर्मचारियों को बुरी आदतों से मुक्त करने के लिए पिछले साल जून में एक अभियान चलाया था। इसमें कंपनी के 150 कारीगरों और अन्य स्टाफ को लत से निजात दिलाने के लिए कई कार्यक्रम किए। इनसे कर्मचारियों को तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट जैसी लतें छुड़ाने में मदद मिली। कंपनी ने हिदायत भी दी कि इसके बाद भी अगर कर्मचारी अपनी लत नहीं छोड़ पाते तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
 

टाटा ग्रुप से ली प्रेरणा
कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर सहदेव सिंह झाला ने दैनिक भास्कर बताया- एक काम के सिलसिले में मुझे पुणे स्थित टाटा मोटर्स जाना पड़ा। वे अपने कर्मचारियों के लिए बहुत कुछ करते रहते हैं। इसके बाद जर्मनी, चीन, अमेरिका में भी देखा कि वहां भी कंपनियां अपने कर्मचारियों को बुरी आदतों से दूर रखने के मामले में बहुत ही सख्त हैं। ऐसा हमारे यहां नहीं हैं। इससे प्रेरणा लेकर हमने अपनी तीन इकाइयों के कर्मचारियों में लत छुड़ाने के लिए एक विशेष प्रोग्राम बनाया, जिसमें सफलता मिली।
 

शर्त रखी- नौकरी करनी है, तो लत छोड़नी होगी
झाला के मुताबिक, ‘‘जब हमने कर्मचारियों को बुरी आदतें छोड़ने के लिए कहा, तब कई को यह अच्छा नहीं लगा। तब सख्ती से कहा- नौकरी बचानी है, तो व्यसन छोड़ना होगा। इन आदतों को छुड़ाने में हम आपकी मदद करेंगे। हमने फैक्टरी में एक बड़े स्क्रीन पर व्यसन मुक्ति के प्रवचन और वीडियो दिखाए। इसके सकारात्मक परिणाम मिले।’’
 

मंदी का सकारात्मक इस्तेमाल
झाला ने बताया कि हमें इस काम में कामयाबी मिली, इसके पीछे मंदी भी एक कारण है। आमतौर पर तेजी के समय कारीगरों को अपनी नौकरी जाने का भय नहीं रहता, एक के जाते ही दूसरी मिल जाती है। इस समय मंदी चल रही है। ऐसे में एक नौकरी छूट जाने पर दूसरी मिलना मुश्किल है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने योजना बनाई कि नौकरी या व्यसन में से आपको किसी एक को चुनना ही होगा। इसमें हम सफल रहे, क्योंकि अधिकांश कर्मचारियों ने लत छोड़कर नौकरी पर बने रहना पसंद किया।
 

मालिक-कर्मचारी मिलकर करते हैं योग
झाला के अनुसार, ‘‘अगर लत एक बार छूट जाए, तो उसके फिर से लग जाने की आशंका होती हैं। ऐसा न हो, इसलिए कंपनी ने योग का सहारा लिया। काम शुरू करने के पहले सभी कर्मचारियों के योग करने का नियम बनाया। इसमें मालिक भी शामिल होंगे। अब सब मिलकर साथ-साथ योग करते हैं। पिछले 5 महीने से ऐसा कर रहे हैं। इस दौरान किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। 

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