रेल्वे की अनदेखी / छह दुरंतो हर ट्रिप में 20-50% खाली दौड़ रहीं



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  • सूरत में हॉल्ट मिले तो फुल हो सकती हैं सीटें 
  • अनदेखी 10 साल से सूरत में दुरंतो के हॉल्ट की मांग

Dainik Bhaskar

Aug 23, 2019, 12:30 PM IST

लवकुश मिश्रा, सूरत. मेन लाइन पर चलने वाली छह दुरंतो ट्रेनें हर ट्रिप में लगभग 20-50% खाली जा रही हैं, लेकिन सूरत स्टेशन पर इन्हें हाॅल्ट नहीं दिया जा रहा है। इनमें से हर ट्रेन एक ट्रिप में लगभग 250 खाली सीटों के साथ दाैड़ रही है। सूरत में इन्हें स्टॉपेज दिया जाए तो ये ट्रेनें फुल होकर चलेंगी। 


10 साल से हो रही है मांग
सूरत में दुरंतों के हाॅल्ट की मांग 10 साल से की जा रही है, लेकिन रेलवे ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। कुल 6 दुरंतो ट्रेनें हैं, जो सूरत से होकर गुजरती हैं। इनमें नियमित, कुछ वीकली, बाई वीकली और ट्राई वीकली हैं। दुरंतो को सूरत में हाॅल्ट नहीं देने के पीछे रेलवे का तर्क है कि इन ट्रेनों का डेस्टिनेशन टू डेस्टिनेशन हॉल्ट पाॅलिसी है। बीच के उसी स्टेशन पर हाॅल्ट दिया जाता है, जहां इसका क्रू बदलता है। यहां हाॅल्ट नहीं दे रहे, जबकि पिछले साल ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रेल मंत्रालय ने दुरंतो और संपर्क क्रांति की 2 ट्रेनों का स्टॉपेज एक साथ मंजूर किया है। 


इन दुरंतो ट्रेनों के स्टापेज की मांग 
पुणे-निजामुद्दीन, एर्नाकुलम-निजामुद्दीन, मुंबई-नई दिल्ली मुंबई-राजकोट, मुंबई-इंदौर, मुंबई-जयपुर। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने बताया कि दुरंतो ट्रेनों का स्टॉपेज किन स्टेशनों पर होगा ये रेलवे बोर्ड तय करता है। सूरत स्टेशन ए 1 कैटेगरी का स्टेशन है, लेकिन बोर्ड की पाॅलिसी है कि इन ट्रेनों का स्टापेज  डेस्टिनेशन टू डेस्टिनेशन हो। हालांकि स्टॉपेज पर रेलवे बोर्ड विचार करेगा। 


रेलवे बोर्ड हाॅल्ट पर करेगा विचार 
दुरंतो ट्रेन 3एसी/2एसी खाली बर्थ वर्तमान स्थिति 
मुंबई-इंदौर 500/100 250/50 गुरुवार को चली 
मुंबई-जयपुर 500 /100 350/60 शुक्रवार को चलेगी 
मुंबई-दिल्ली 500/100 250/40 शनिवार को चलेगी 
दिल्ली-पुणे 600/100 100/20 आज चलेगी 
मुंबई-राजकोट 300/100 100/27 गुरुवार को चली 


दुरंतो ट्रेन को मिलेंगे यात्री 
सूरत रेलवे स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस की ठहराव की मांग 10 साल से की जा रही है। सूरत से रोजाना सवा लाख यात्री अप-डाउन करते हैं। यहां कि सालाना आय लगभग साढ़े 400 करोड़ रुपए है। यहां अन्य ट्रेनों में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग होती है। सूरत में हॉल्ट हो तो प्रति ट्रेन 100 से ज्यादा सीटें बुक होंगी। 


दिवाली तक हाॅल्ट की हो सकती है घोषणा 
जेडआरयूसीसी सदस्य राकेश शाह ने बताया कि हॉल्ट की मांग 10 साल से की जा रही है। अगर दुरंतो का हॉल्ट सूरत में मिले तो खाली सीटें भर जाएंगी। इसे लेकर हमने रेल मंत्रालय को कई बार पत्र लिखा है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो दिवाली तक दुरंतो के सूरत में ठहराव की घोषणा की जा सकती है।

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