आकर्षण / रोजगार के लिए अब लोगों की पहली पसंद सूरत, मुम्बई को पीछे छाेड़ा



नगर निगम बना रही है प्रवासियों के लिए ऐसे सस्ते आवास नगर निगम बना रही है प्रवासियों के लिए ऐसे सस्ते आवास
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नगर निगम बना रही है प्रवासियों के लिए ऐसे सस्ते आवासनगर निगम बना रही है प्रवासियों के लिए ऐसे सस्ते आवास

  • प्रवासियों के लिए 380 आवास-स्कूल बनेंगे
  • 5 सालों में 200 से अधिक शेल्टर हाउस

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 01:56 PM IST

सूरत. सूरत में रह रहे 28.87 लाख प्रवासियों के लिए मनपा 380 सस्ते आवास और स्कूल बनाने के साथ आधार कार्ड, मां अमृतम् कार्ड, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, के साथ शुद्ध पानी जैसी सुविधाएं मुहैया कराने की योजना बना रही है। मनपा की सुविधाओं की वजह से सूरत में प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 


5 सालों में 200 से अधिक शेल्टर हाउस
पिछले पांच वर्षों में मनपा ने 200 से ज्यादा शेल्टर हाउस बनाए हैं। उड़िया, हिंदी, उर्दू जैसी आठ भाषाओं के स्कूल चला रही है। इन सुविधाओं के कारण सूरत की कुल जनसंख्या का 64.6 प्रतिशत प्रवासी हैं। इनमें से 32.3 प्रतिशत दूसरे राज्‍यों से आए हैं।


विश्व आर्थिक मंच की ताजा रिपोर्ट
विश्व आर्थिक मंच की ताजा रिपोर्ट, 'प्रवास और शहरों पर इसके प्रभाव' के अनुसार पहले अधिकतर लोग मुंबई या महाराष्ट्र के अन्य शहरों में रोजगार व व्यवसाय के लिए जाते थे, लेकिन अब सूरत की तरफ आ रहे हैं। जूनागढ़ ऐसा शहर है जहां सबसे ज्‍यादा गुजरात के ही प्रवासी नागरिक रह रहे हैं। यहां महज 1.7 प्रतिशत प्रवासी ही दूसरे राज्‍यों के हैं। इस शहर की कुल जनसंख्या का 59 प्रतिशत प्रवासी हैं। सूरत में 28.87 लाख, अहमदाबाद में 25.69 लाख, वडोदरा में 9.0 लाख व राजकोट में 7.04 लाख प्रवासी रहते हैं। सूरत इसमें पहले नंबर पर है। 


यहां आसानी से मिल जाता है रोजगार-आयुक्त 
मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन ने कहा कि अन्य शहरों के मुकाबले टेक्सटाइल और अन्य व्यवसायों की वजह से ज्यादा लोग सूरत आ रहे हैं। यहां पर व्यवसाय और रोजगार आसानी से मिल जाता है। लोकल गवर्निंग बाॅडी भी ऐसे लोगों के लिए विशेष व्यवस्था करती है। परप्रांतियों की संख्या को देखते हुए मनपा कई तरह की नई सुविधाएं शुरू करेगी और जो सुविधाएं चल रही हैं, उन्हें जारी करेगी। 


सबसे ज्‍यादा प्रभावित शहर
सूरत में 7.58 लोग काम की तलाश में, करीब एक लाख व्यवसाय के अवसर तलाशने आए और यहीं बस गए। पढ़ाई के लिए भी करीब 12,189 हजार से ज्यादा लोग यहां पर आए। नव दंपतियों ने भी सूरत की तरफ रुख किया। करीब 3 लाख लोगों ने शादी के बाद सूरत को अपना घर बनाया। कुछ लोग जन्म के बाद यहां शिफ्ट हुए। ऐसे कुल 1.75 लाख लोग सूरत में हैं। 8.8 लाख लोग अपना घर छोड़कर पूरे परिवार के साथ सूरत में आकर बस गए। विश्व आर्थिक मंच की ताजा रिपोर्ट, 'प्रवास और शहरों पर इसके प्रभाव' में कहा गया है कि सूरत प्रवासियों से सबसे ज्‍यादा प्रभावित शहर है। ऐसा इसलिए, क्‍योंकि यह शहर खुद को मुंबई के विकल्प के तौर पर पेश करता है। 


मुंबई का विकल्प बन रहा सूरत 
विश्व आर्थिक मंच की ताजा रिपोर्ट, 'प्रवास और शहरों पर इसके प्रभाव' में कहा गया है कि मुंबई की भीड़-भाड़ और महंगाई की वजह से प्रवासी अच्छे अवसरों की तलाश में सूरत आ रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग, जो रोजगार के अवसरों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट और बेहतर जिंदगी के लिए महाराष्ट्र के शहरों में जाते थे वे अब बेहतर अ‌वसर के लिए सूरत की ओर रुख कर रहे हैं। 


प्रवासियों को ये सुविधाएं दी जाएंगी 

  • मनपा आने वाले दिनों में 380 से ज्यादा आवास बनाएगी। 
  • सभी जोन ऑफिसों में आधार कार्ड, मां अमृतम् कार्ड आसानी से बनाए जाने पर जोर दिया जाएगा। 
  • लोगों को स्वास्थ सुविधा आसानी से मिल सके इसके लिए सभी जोन में एक अस्पताल और सभी वार्ड में एक स्वास्थ केंद्र बनाया गया है। आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों को भी इससे जोड़ा जाएगा। 
  • लेबर बाहुल्य इलाकों में साफ-सफाई और सड़कों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कुछ जगहों पर आंतरिक रास्ते नहीं हैं, वहां भी सड़कें बनाई जा रही हैं। 
  • प्रवासी बहुल इलाकों के घरों में शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए स्काडा सिस्टम अपडेट किया जा रहा है। 
  • सप्लाई किए जा रहे पीने के पानी हर जगह गुणवत्ता जांचने के लिए मोबाइल लैब, स्वास्थ्य जांच के लिए मोबाइल वैन जैसी सुविधाएं भी मनपा ने शुरू कर दी हैं। 
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