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फॉलोअप  / टीसी की गलती से ही जीजा का पैर कटा, जीआरपी मान ही नहीं रही



अस्पताल में पीड़ित अस्पताल में पीड़ित
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अस्पताल में पीड़ितअस्पताल में पीड़ित

  • साले का तीन बार बयान
  • टीसी को बचाने में लगा रेल्वे

Dainik Bhaskar

Aug 16, 2019, 12:53 PM IST

सूरत. सूरत रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह बांद्रा-झांसी ट्रेन में अपनी पत्नी को छोड़ने गए व्यापारी मुकेश यादव के गिरकर पैर कटने के मामले में पूरा रेलवे विभाग टीसी को बचाने में लगा है। पीड़ित युवक का जीवन बर्बाद हो गया और पुलिस अभी तक यही दलील दे रही है कि कैसे मान लें टीसी की गलती थी। 


कौन है वह टीसी, रेल्वे को ही पता नहीं
यही नहीं, रेलवे अभी तक यह तक पता नहीं लगा पाया कि वह टीसी कौन था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। न ही पीड़ित की तरफ से मामला दर्ज किया गया है। सिविल में भर्ती पीड़ित और उसके साले से पुलिस ने तीन बार जाकर बयान लिया और हर बार उसने एक ही कहानी सुनाई, लेकिन पुलिस है कि बयान पर विश्वास ही नहीं कर रही। तीन बार के बयान में पीड़ित की तरफ से यही कहा गया कि- मैं पत्नी को ट्रेन में बिठाने गया था। जब ट्रेन चलने लगी और मैं उतरने लगा, तो टीसी ने मुझे बेटिकट बताकर रोक लिया। मैं बार-बार दलील देता रहा कि मेरे पास प्लेटफार्म टिकट है और बच्चों को बिठाने आया हूं। लेकिन, वो नहीं माने। इसी बीच हम गेट तक आ गए और ट्रेन ने स्पीड पकड़ ली। विवाद के बीच मैं नीचे गिर गया, जिससे यह हादसा हुआ। 


झांसी मंडल का है टीसी
अधिकारियों ने बताया कि बांद्रा-झांसी ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात टीसी झांसी मंडल का था, इसलिए उसका पता नहीं चल सका है। हमारे यहां का टीटी नहीं था। जांच कर रहे हैं कि कौन ड्यूटी पर तैनात था। पीड़ित का बयान ले लिया है। संबंधित बयान पर ही जांच चल रही है, जबकि पहले ही दिन इस घटना को हादसा मान लिया गया था। 


क्या है घटना
सूरत के नीलगिरि निवासी कपड़ा व्यापारी मुकेश यादव मंगलवार को सुबह 8:45 बजे बांद्रा-झांसी एक्सप्रेस के कोच एस-4 की सीट नंबर 14-15 पर अपनी पत्नी और साले को बिठाने गए थे। ट्रेन जब 8:57 बजे चलने लगी तो मुकेश तुरंत गेट के पास पहुंचा और उतरने लगा। उसी दौरान ट्रेन के टीसी ने मुकेश से टिकट मांगा तो मुकेश ने बताया कि मेरे पास प्लेटफार्म टिकट है, मैं यात्रा नहीं कर रहा हूं। लेकिन टीसी जबरन टिकट दिखाने को कहने लगा। इतने में ट्रेन रफ्तार पकड़ने लगी और मुकेश ने आग्रह किया कि हमें उतरने दीजिए। इसी दौरान टीसी ने हाथ पकड़ा, तभी गेट के पास खड़े मुकेश गेट से फिसल गए और गैप में गिर गए। उनका एक पैर अंदर चला गया। इतने में मुकेश के साले ने तुरंत चेन पुलिंग की।

 
क्या कह रहा है पीड़ित परिवार 
घायल मुकेश के साले छोटू ने बताया कि मुझसे रेलवे पुलिस बार-बार एक ही सवाल कर रही है कि मैं कहां था। जबकि मैं बता चुका हूं कि ट्रेन में सफर कर रहा था और मुझे व मेरे दीदी को ही छोड़ने ट्रेन में मेरे जीजा आए थे। मैंने उन्हें यह भी बताया कि टीसी की ही वजह से वो ट्रेन से नीचे गिर गए। क्योंकि जिस वक्त उनसे टिकट मांगा जा रहा था, ट्रेन चलने लगी थी और वो उतरने का आग्रह कर रहे थे। मैंने रेलवे पुलिस से आग्रह किया है कि इस मामले में टीसी पर शिकायत दर्ज करे। 


जीआरपी का कहना है
हो सकता है कि प्लेटफार्म टिकट होने से डर से जल्दबाजी में उतरने की वजह से वो खुद ही गिर गया हो। 
अभी टीसी की गलती स्पष्ट नहीं हुई है। इसका कोई एविडेंस नहीं मिला है। जांच के बाद अगर टीटीई की गलती सामने आती है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। 

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