सूरत / चार साल की उम्र में जागा वैराग्य, 6 में घर छोड़ा, अब 9 साल की आयुषी बनेगी साध्वी



Surat Vesu Area 3 Girl Take Jain Dixa One Nine Year Old Girl Take Dixa
आयुषी आयुषी
अंजलि अंजलि
आज्ञा आज्ञा
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Surat Vesu Area 3 Girl Take Jain Dixa One Nine Year Old Girl Take Dixa
आयुषीआयुषी
अंजलिअंजलि
आज्ञाआज्ञा

  • वेसू स्थित तपागच्छ जैन संघ में दीक्षा समारोह बुधवार से शुरू
  • 3 युवतियाें ने भी लिया संयम के मार्ग पर चलने का निर्णय
     

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 01:20 PM IST

सूरत. अमूमन जिस उम्र में बच्चे तीसरी या चौथी कक्षा में पढ़ रहे होते हैं, उस 9 साल की उम्र में मुमुक्षु आयुषी जैन दीक्षा लेकर साध्वी बनने जा रही है। वेसू के तपागच्छ जैन संघ में शुक्रवार सुबह 6 बजे दीक्षा महोत्सव शुरू होगा। इसमें 17 और 18 साल की दो और मुमुक्षु अंजली और मुमुक्षु आज्ञा भी दीक्षा लेंगी। इन्हें भी आचार्य रत्नचंद्रसूरी दीक्षा प्रदान करेंगे।

 
एक साल में 1200 कि.मी. का विहार
पुणे निवासी भरत दोषी की बेटी आयुषी ने पुणे के आरसीएम स्कूल में दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद से वह पुणे स्थित संस्कार वाटिका ज्ञानशाला में रहकर जैन धर्म के संस्कारों के बारे में जानने समझने लगी तो घर-परिवार का मोह कम हो गया। मां रेशमा ने बताया कि आयुषी ने गुरु-भगवंतों के साथ एक साल में करीब 1200 किमी विहार किया है। पिछले वर्ष चातुर्मास के दौरान आयुषी 5 महीने तक घर नहीं आई थी। छह साल की बहन रीता अभी पढ़ रही है। अहमदाबाद की 12 वर्षीय खुशी शाह भी 29 मई को सूरत में दीक्षा लेगी। 


पिता बोले : रोती भी थी तो इसलिए कि मुझे दीक्षा क्यों नहीं दिलवा रहे 
आयुषी के पिता कहते हैं कि बचपन में जब आयुषी किसी मुमुक्षु को दीक्षा लेते हुए देखती थी तो खुद भी दीक्षा लेने की जिद करते हुए रोने लगती थी। खाना खाने से भी मना कर देती थी। समझाने की कोशिश करते तो कहती थी कि साध्वी हंसकीर्ति ने भी तो कम उम्र में ही दीक्षा ली थी। उन्हीं से प्रेरित होकर आयुषी ने भी 4 साल की उम्र में संयम मार्ग पर जाना ठान लिया था। घर में टीवी तो था नहीं। बच्चों के साथ उठना-बैठना और खेलना भी उसे पसंद नहीं था। 


मुझे प्रभु का सानिध्य पसंद है-मुमुक्षु आयुषी 
मुझे प्रभु का सानिध्य पसंद है, इसलिए संन्यासी बनना है। मम्मी के साथ पूजा में बैठा करती थी। मुमुक्षु आयुषी 

 

आस्था का विषय
यह तो आस्था का विषय है। जैन धर्म में 8 वर्ष से बड़ा कोई भी व्यक्ति दीक्षा ले सकता है। -आचार्य रत्नचंद्रसूरी


दीक्षा समारोह शुरू
बुधवार की सुबह से ही गुरु भगवंतों के प्रवेश के साथ दीक्षा समारोह शुरू हो गया। गुरुवार की सुबह 8.30 बजे मुमुक्षु आयुषी , अंजलि और आज्ञा का वरसीदान भव्य जुलूस निकला। इसके बाद श्री संघस्वामीवात्सल्य किया गया। शुक्रवार की सुबह 6 बजे तीनों मुमुक्षु की प्रव्रज्या विधि प्रारंभ होगी। इस दौरान मेहंदी, सांजी, कपड़ा रंगने और भावना जैसे दूसरे कार्यक्रम भी होंगे।

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